
चांद पर एक रहस्यमय मलबे को लेकर खुलासा हो गया है। 4 मार्च 2022 को एक रॉकेट चंद्रमा के सुदूर हिस्से से टकराया था, जिससे लगभग 29 मीटर चौड़ा एक अजीब दोहरा गड्ढा (डबल क्रेटर) बन गया था। यह दुर्घटना कोई अचानक से होने वाली चीज नहीं थी। खगोलशास्त्री कई हफ्तों से इस रॉकेट पर नजर बनाए हुए थे और इस बात की भविष्यवाणी कर रहे थे कि यह कब और कहां चंद्रमा की सतह से टकराएगा। इस रहस्य को पहचान के लिए खगोलशास्त्रियों ने WE0913A नाम दिया था।
शुरुआती अवलोकन से माना जा रहा था कि यह स्पेसएक्स के फैल्कन-9 रॉकेट का ऊपरी चरण हो सकता है, जिसे फरवरी 2015 में पृथ्वी अवलोकन करने वाले DSCOVR सैटेलाइट लॉन्च के लिए इस्तेमाल किया गया था। लेकिन आगे की जांच के बाद खगोलविदों ने इसके एक दूसरे रॉकेट होने की बात कही। यह चीन के लॉन्ग मार्च 3सी रॉकेट का तीसरा और सबसे ऊपरी चरण था। अक्टूबर 2014 में चंद्रमा के चारों और चीन के चांग’ई 5-टी1 मिशन के साथ उड़ा था।
नई रिसर्च ने किया खुलासा – पिछले साल इस नतीजे पर पहुंची एरिजोना यूनिवर्सिटी की टीमों में से एक ग्रुप ने अब इसकी पूरी तरह पुष्टि कर दी है। शोधकर्ताओं ने कहा, ‘इस पेपर में हमने निर्णायक पुष्टि के लिए ग्राउंड स्टेशन टेलीस्कोप का इस्तेमाल किया। इसके जरिए हमने ट्रैजेक्टरी और स्पेक्ट्रोस्कोपिक विश्लेषण प्रस्तुत किया। इसके जरिए पता चला कि यह लॉन्ग मार्च 3सी बॉडी है।’ प्लैनेटरी साइंस जर्नल में इस शोध के बारे में एरिजोना यूनिवर्सिटी के एयरोस्पेस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में डॉक्टरेट छात्र टान्नर कैंपबेल ने लिखा।
झूठ बोलता रहा है चीन – कैंपबेल और उनके सहयोगियों की रिपोर्ट के मुताबिक ये दो पंक्तियां वस्तु के घूमने और यह किस चीज की बनी हा इसके बारे में बताती है। हालांकि चीन ने संदेह पैदा करने का प्रयास किया है। चीनी अधिकारियों का कहना है कि लॉन्ग मार्च 3सी का ऊपरी चरण मिशन के लॉन्च के तुरंत बाद पृथ्वी के वायुमंडल में जल गया। हालांकि यूएस स्पेस कमांड ने इसका खंडन किया और कहा था कि यह वस्तु कभी दोबारा धरती के वायुमंडल में प्रवेश नहीं कर पाई।
Home / News / चांद के इस रहस्य का हो गया खुलासा, एक साथ कैसे बने दो गड्ढे, निकला चीन का हाथ और खुली पोल
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