
अमेरिका दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां सबसे ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ाई करने जाते हैं। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वापसी के बाद से ही देश में उथल-पुथल मचा हुआ है, क्योंकि उनकी सरकार ने कई तरह के नियमों को बदला है। सबसे अहम इमिग्रेशन नियमों को भी बदला गया है।
अमेरिका में 2025 में पढ़ने के लिए हजारों भारतीय छात्रों ने प्लानिंग की हुई है, लेकिन उन्हें बदलती परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। इसकी वजह ये है कि वीजा पॉलिसी को कड़ा किया गया है और वीजा देरी से मिल रहा है। ओपन डोर्स रिपोर्ट के मुताबिक, अकेडमिक ईयर 2023-2024 में अमेरिकी संस्थानों में 3.31 लाख भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे थे। ये दिखाता है कि अमेरिका किस कदर भारतीयों के बीच हायर एजुकेशन के लिए पॉपुलर देश बना हुआ है।
हालांकि, मौजूदा परिस्थितियां बता रही हैं कि अमेरिका में पढ़ना पहले के मुकाबले कठिन हो चुका है। वीजा अप्रूवल में गिरावट हुई है और प्रोसेसिंग की बाधाएं भी बढ़ गई हैं। 2023 में 1.03 लाख भारतीय छात्रों को F-1 वीजा (स्टूडेंट वीजा) मिला, जो 2024 में 38% घटकर 64,008 हो गया। इससे वीजा पाने की चुनौतियों, कड़े नियमों और राजनयिक तनाव उजागर होता है। ऐसे में अगर कोई अमेरिका में पढ़ना चाहता है, तो उसके लिए इन चुनौतियों के बारे में विस्तार से समझना बेहद जरूरी है।
वीजा अप्रूवल में गिरावट – F-1 वीजा जारी करने में गिरावट एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाती है। 2023 में अमेरिका ने भारतीयों के लिए 1.40 लाख से ज्यादा वीजा प्रोसेस किए, लेकिन 2024 में इस संख्या में गिरावट देखी गई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गिरावट की मुख्य वजह डॉक्यूमेंट जांच में हो रहा इजाफा है, क्योंकि 2023-2024 में वाणिज्य दूतावास अधिकारियों ने दुनियाभर से आए 6.79 लाख वीजा आवेदनों में से 41% को रिजेक्ट किया, जबकि उससे पिछले साल 36% वीजा रद्द हुए थे।
नई सरकार में नीतियों का बदलना – राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वापसी के बाद से ही इमिग्रेशन पॉलिसी बदल गई है और पहले के मुकाबले ज्यादा कड़ी हुई है। सरकार सख्त स्टूडेंट वीजा नियमों को लाई है। वीजा अवधि को चार साल या कुछ मामलों में दो साल तक सीमित करने का काम भी हुआ है। छात्रों के लिए फ्लेक्सिबिलिटी खत्म हुई है। 12 महीने तक जॉब की गारंटी देने वाले ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) को खत्म करने की बात चल रही है। इसका सीधा असर अभी अमेरिका में पढ़ रहे 3 लाख भारतीय छात्रों पर पड़ने वाला है।
वीजा प्रोसेसिंग में देरी – भारतीयों के लिए वीजा प्रोसेसिंग में देरी सिरदर्द बना हुआ है। 2024 में अकुशलता की वजह से 20,000 से ज्यादा अप्वाइंटमेंट स्लॉट इस्तेमाल नहीं हुए। 2023 में 1,000 दिनों से सुधार के बावजूद वेटिंग टाइम अभी भी औसतन 250 दिन है। अप्रैल 2025 से प्रभावी नए नियमों के अनुसार, अगर वीजा 12 महीने से ज्यादा पहले समाप्त हो गया है, तो रिन्यू कराने के लिए इंटरव्यू अनिवार्य है। कई लोगों के लिए ड्रॉपबॉक्स ऑप्शन खत्म हुआ है। स्लॉट कम होने से छात्रों के लिए एडमिशन की डेडलाइन मिस हो रही है।
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