
अमेरिका और ईरान के बीच जंग में बिचौलिया बना पाकिस्तान भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के एक बयान से तिलमिला उठा है। भारत विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि भारत पाकिस्तान की तरह दलाल देश नहीं बन सकता है। उन्होंने यह बयान ऑल पार्टी मीटिंग के दौरान दिया, जब उनसे पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर पूछा गया था। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जयशंकर के बयान पर नाराजगी जताई है।
गुरुवार को साप्ताहिक ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी गहरी हताशा को दिखाता है। अंद्राबी ने कहा, ‘सबसे पहले, हम भारतीय बयान को उसी तिरस्कार के साथ खारिज करते हैं जिसका वह हकदार है।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘जब तर्क कम पड़ जाते हैं, तो उस जगह को भरने के लिए अपशब्दों का सहारा लिया जाता है। पाकिस्तान इस तरह के मेगाफोन वाले ड्रामे में विश्वास नहीं रखता है। हमारा नजरिया संयम और मर्यादा पर आधारित है, न कि बयानबाजी की अति पर।’
जयशंकर ने क्या कहा था? – बुधवार को मोदी सरकार ने पश्चिम एशिया तनाव पर ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई थी। इस दौरान जयशंकर से पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत के बारे में पूछा गया था।
जयशंकर कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री ने ट्रंप से कहा कि युद्ध समाप्त होना चाहिए क्योंकि इससे नुकसान हो रहा है।
पाकिस्तान की कथित मध्यस्थता को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है, क्योंकि 1981 से ही अमेरिका उस देश का ‘उपयोग’ करता आ रहा है। जयशंकर ने कहा कि हम दलाल देश नहीं हैं।
सरकार ने विपक्ष के इस आरोप का खंडन किया कि भारत सरकार इस मामले पर चुप है और कहा कि ‘हम टिप्पणी कर रहे हैं और जवाब दे रहे हैं।’
पाकिस्तान को दलाल देश कहे जाने पर भारत में राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इसे मोदी सरकार विफलता बताया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘प्रधानमंत्री मोदी की गले मिलने वाली कूटनीति की विफलता: एक खंडित हुआ देश अब ‘दलाल राष्ट्र’ बनने की ओर अग्रसर है।’
Home / News / ‘भारत के बयान को खारिज करते हैं’, जयशंकर ने कहा दलाल देश तो तिलमिलाया पाकिस्तान, जानें क्या कहा
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website