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गाजा में जमीनी अभियान में लगातार नुकसान के बावजूद क्यों लड़ाई नहीं रोकेगा इजरायल? जानें


7 अक्टूबर के हमास के हमले के बाद इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में हमले शुरू कर दिए थे। इसके बाद से गाजा में लगातार लड़ाई जारी है। शुरू में इजरायल ने हवाई हमलों तक अपने अभियान को सीमित रखा लेकिन बाद में जमीन पर भी कार्रवाई शुरू कर दी। जमीनी कार्रवाई में इजरायली सेना को कई तरह की मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। इजरायली सेना को तमाम नुकसान के बावजूद हाल फिलहाल में युद्ध रुकने की संभावना नहीं दिख रही है।
इजरायल की सेना बीचे दो महीने से ज्यादा समय से गाजा में लड़ रही है। उस दौरान उसे काफी नुकसान भी उठाना पड़ा है। मंगलवार को ही उत्तरी गाजा में एक ही हमले में नौ इजरायली सैनिक मारे गए, ये 27 अक्टूबर को इजरायल सेना के जमीनी अभियान की शुरुआत के बाद से उस पर सबसे बड़ा हमला है। इजरायल के लिए ये बड़ा झटका है लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जंग रुकने नहीं जा रहा है। इस घटना से इजरायली जनता के बीच युद्ध के प्रति समर्थन कम होने की भी संभावना नहीं है।
गाजा में सैन्य अभियान शुरू करने के बाद से इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने 22,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया है, इसमें उसके 115 सैनिक मारे जा चुके हैं। दूसरी ओर गाजा में अब तक 18 हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं। युद्ध के जारी रहने की बात पर सुरक्षा विशेषज्ञ और सेवानिवृत्त आईडीएफ कर्नल मिरी आइसिन ने सीएनएन से कहा है कि इजरायली जनता को हमास की सैन्य क्षमताओं से खतरा बहुत बड़ा है। हम इसे नष्ट करने के बदले में कोई भी नुकसान उठाने के लिए तैयार हैं। यही वजह है कि अभी युद्ध नहीं रुकेगा।
मंगलवार के हमले में उच्च रैंक के अफसरों की मौत – मंगलवार का हमला इजरायल के लिए बड़े झटके की तरह है, ये सिर्फ इसलिए नहीं कि इस हमले में बड़ी संख्या में उसके सैनिकों की मौत हुई है। ये इसलिए भी क्योंकि जिस ब्रिगेड पर हमला हुआ वह एक विशिष्ट ब्रिगेड थी। मरने वालों में ज्यादातर उच्च-रैंकिंग अधिकारी थे। आइसिन ने कहा, मंगलवार की घटना ने युद्ध की अप्रत्याशित प्रकृति को सामने ला दिया है। ऑपरेशन का पहला चरण हवाई हमलों तक सीमित था, जिससे बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी हताहत हुए, लेकिन इजरायली सैनिकों को नुकसान नहीं हुआ। आईडीएफ ने जमीन पर अभियान शुरू किया है तो फिर चीजें बदल गई हैं।