
चीन में उइगर मुसलमानों पर अत्याचार की बातें जगजाहिर हैं। मगर, चीन के दोस्त पाकिस्तान और तुर्की कभी ड्रैगन के खिलाफ कभी खुलकर सामने नहीं आते हैं। चीन के उइगरों के खिलाफ ऑपरेशन के 10 साल पूरे होने पर पूरी कहानी जानते हैं।
मई 2014 की बात है, जब चीनी सरकार ने शिंजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र (शिंजियांग या XUAR) में उइगरों और अन्य तुर्क मुसलमानों के खिलाफ एक सख्त ऑपरेशन शुरू किया। चीन सरकार ने मुसलमानों को दाढ़ी रखना, नमाज पढ़ना, नसबंदी और सुअर का मांस खिलाने जैसे धार्मिक अत्याचार किए। आज 10 साल बाद भी चीन की ये बर्बरता बदस्तूर जारी है। मगर, मुस्लिम बहुल देश पाकिस्तान और तुर्की इस चीन के दोस्त बने हुए हैं। दोनों ही उइगर-तुर्क मुस्लिमों पर अत्याचार को लेकर चीन के बारे में कुछ नहीं बोलते हैं। यहां तक कि खुद को मुस्लिमों का रहनुमा बताने वाले इस्लामिक सहयोग संगठन (Organization of Islamic Cooperation) भी इस मामले में जब-तब चुप्पी साध लेता है। वहीं, दूसरी ओर ये देश जब-तब भारत के मुसलमानों और कश्मीर को लेकर ऊल-जलूल बयान देते रहते हैं। जानते हैं-पूरी कहानी।
10 साल से उइगर मुस्लिमों के खिलाफ बर्बरता – Human Rights Watch पर एक रिपोर्ट छपी है। इसमें स्टैनफोर्ड लॉ स्कूल के मानवाधिकार और संघर्ष समाधान क्लिनिक और ह्यूमन राइट्स वॉच की ओर से किए गए एक रिसर्च में कहा गया है कि मानवाधिकार संगठनों, मीडिया, कार्यकर्ता समूहों और अन्य की रिपोर्ट और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के आंतरिक दस्तावेजों से पता चलता है कि चीनी सरकार ने तुर्क मुस्लिम आबादी के खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराध किए हैं और करना जारी रखा है। बताया जाता है कि चीन ने शिंजियांग में उइगर मुस्लिमों के खिलाफ बीते 10 साल से एक ऑपरेशन चला रखा है, जो उन पर दमन चक्र चलाता है।
जबरन गायब कर देना और हत्या जैसे अपराध – अंतररराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के रोम कानून के अनुसार, मानवता के विरुद्ध अपराध गंभीर निर्दिष्ट अपराध हैं जो जानबूझकर किसी नागरिक आबादी के विरुद्ध व्यापक या व्यवस्थित हमले के हिस्से के रूप में किए जाते हैं। मानवता के खिलाफ अपराध को अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत सबसे गंभीर मानवाधिकार हनन माना जाता है। इस रिपोर्ट में दर्ज मानवता के खिलाफ विशिष्ट अपराधों में अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हुए कारावास या अन्य प्रकार से स्वतंत्रता से वंचित करना, किसी पहचान योग्य जातीय या धार्मिक समूह का उत्पीड़न, जबरन गायब कर दिया जाना, यातना, हत्या और कथित अमानवीय कृत्य शामिल हैं, जो जानबूझकर मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य को बहुत पीड़ा या गंभीर चोट पहुंचाते हैं।
चीन में अधिकारियों में उइगरों के खिलाफ नफरत – चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ पर 10 अगस्त, 2017 में एक रिसर्च छपी। उसमें चीनी धार्मिक मामलों के अधिकारी मैसुमूजियांग मैमुएर ने उइगर मुसलमानों के बारे में लिखा है कि उनकी वंशावली तोड़ो, उनकी जड़ें खोदो, उनके संबंध तोड़ो और उनकी पैदाइश खत्म करो। इन दोगले लोगों की जड़ों को पूरी तरह से खोद डालो। उन्हें खोद डालो और इन दोगले लोगों से अंत तक लड़ने की कसम खाओ।
भारत-पाकिस्तान से लगती है शिंजियांग की सीमा – शिंजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र (XUAR) चीन के उत्तर-पश्चिम में स्थित है, जिसकी सीमा भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ताजिकिस्तान, किर्गिस्तान, कजाकिस्तान और मंगोलिया से लगती है। बहुसंख्यक हान चीनी आबादी के विपरीत उइगर, कजाख और किर्गिज आबादी जातीय रूप से तुर्क हैं।
उइगर की मुख्य आबादी तुर्क, अपनी भाषाएं – चीन के उत्तर-पश्चिम में स्थित झिंजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र, चीन का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहाँ बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी है। इस क्षेत्र में उइगर, कज़ाख, किर्गिज़ और अन्य समुदाय जातीय रूप से तुर्क हैं। बहुसंख्यक हान चीनी के विपरीत तुर्किक आबादी मुख्य रूप से मुस्लिम है और उनकी अपनी भाषाएं हैं। ये मुख्य रूप से मुस्लिम हैं और उनकी अपनी भाषाएं हैं। 2010 की जनगणना के अनुसार, उइगर शिंजियांग की आबादी का 46 प्रतिशत हिस्सा हैं। शिंजियांग चीन का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है, जहां बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी है। कुछ तुर्किक मुसलमान इस क्षेत्र को पूर्वी तुर्किस्तान कहते हैं।
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