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माथे पर गमछा, कांधे पर फावड़ा… मनरेगा बचाओ सम्मेलन में इस अंदाज में दिखे राहुल गांधी-मल्लिकार्जुन खरगे


कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ को लेकर गुरुवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने कहा किमहात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) को खत्म करना गरीबों को ‘बंधुआ मजदूर’ बनाने की साजिश है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 28 जनवरी से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दौरान उनका दल इस मुद्दे को उठाएगा। इस दौरान मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी माथे पर गमछा बांधे और हाथों में फावड़ा लिए मजदूर की वेशभूषा में नजर आए।
मनरेगा को मिटाना महात्मा गांधी का अपमान – राहुल गांधी ने कहा किमनरेगा ग्रामीण भारत की जीवन रेखा है, जिसे बचाना हम सभी की साझी जिम्मेदारी है। ये गांव में बसने वाले भारत की आत्मा है, जिसे सहेजना ही होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता मनरेगा की रक्षा के लिए लड़ने को तैयार है। वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने कहा कि मनरेगा पर BJP का हमला ग्राम स्वराज मिटाने की साजिश है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को मिटाना महात्मा गांधी का अपमान है। ये देश इस हिमाकत को बर्दाश्त नहीं करेगा।
यह पहली बार है कि कोई दल महात्मा गांधी के नाम रखी योजना से उनका नाम हटाने की हिमाकत कर रहा है। यह देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। देश के तमाम हिस्सों में कांग्रेस पार्टी मनरेगा को बचाने के लिए आंदोलन करने जा रही है। मनरेगा को खत्म करना, सिर्फ कमजोर तबकों पर प्रहार नहीं है। यह महात्मा गांधी जी को जन स्मृति से हटाकर, ग्राम स्वराज की सोच पर हमला करने की साजिश है।
मनरेगा को बचाने की लड़ाई – खरगे ने कहा कि मोदी सरकार मनरेगा को खत्म करने का काम इसलिए कर रही है, ताकि देश के दबे-कुचले लोगों को ‘बंधुआ मजदूर’ बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी लोगों को बंधुआ मजदूर बनाकर अमीरों के हाथ में सौंपने जा रहे हैं। ताकि लोग अमीरों के इशारों पर, उनकी मर्जी के पैसों पर काम करें। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा से लोगों को 100 दिन काम की कानूनी गारंटी मिलती थी, जिसे तबाह करने का काम किया जा रहा है। हमें मनरेगा और काम के अधिकार को बचाने की लड़ाई लड़नी है।