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पहला टारगेट फतह, चुनौतियों पर भारी समुद्र में इतिहास रचने निकला इंडियन नेवा की ये जहाज


भारतीय नौसेना ने एक और बड़ी सफलता हासिल कर ली है। नौसेना के INS सुदर्शिनी ने बुधवार को ओमान के सलालाह में अपनी दस महीने की अंतर महासागरीय यात्रा लोकायन-26 के अपने पहले पोर्ट को सफलतापूर्वक पूरा किया। नौसेना की यह उपलब्धि न सिर्फ समुद्री पहुंच में एक मील का पत्थर है बल्कि ये ओमान के साथ द्विपक्षीय नौसैनिक संबंधों को मजबूत करता है।
ओमन की नौसेना के अधिकारियों से की मुलाकात – यात्रा के दौरान INS सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने ओमान की नेवी के दक्षिणी नौसेना क्षेत्र कमांडर कैप्टन मोहम्मद अल घैलानी और रॉयल नेवी ऑफ ओमान वेसल अल मोअजर के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन मोहम्मद अल महारी के साथ बातचीत की। वहीं रॉयल नेवी ऑफ ओमान के अधिकारियों के लिए एक गाइडेड टूर भी आयोजित किया।
विजिटर्स के लिए खुला ट्रेनिंग शिप – रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सेल ट्रेनिंग शिप विजिटर्स के लिए खुला था। स्कूली बच्चों सहित 600 से ज्यादा विजिटर्स को तीन मस्तूल वाले बार्क की पहली झलक दिखाई और सरलता से समुद्री यात्रा की बारीकियों को समझाया। INS सुदर्शनी अब लोकायन 26 के अपने अगले चरण के लिए आगे बढ़ रहा है, जो समुद्रों में भारत की कालातीत समुद्री विरासत को आगे बढ़ा रहा है।
इतने मील की यात्रा करेगा सुदर्शिनी – आपको बता दें कि भारतीय नौसेना का यह जहाज समुद्री विरासत और समुद्रों में “वसुधैव कुटुंबकम” की दृष्टि को दर्शाते हुए 22,000 समुद्री मील से ज्यादा की यात्रा करेगा। इसके अलावा ये जहाज 13 देशों के 18 विदेशी बंदरगाहों का दौरा करेगा। आईएनएस सुदर्शनी फ्रांस में एस्केल ए सेट और अमेरिका के न्यूयॉर्क में SAIL 250 जैसे अंतरराष्ट्रीय टॉल-शिप कार्यक्रमों में भाग लेगा।