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ऐसी बाढ़ आई, भारत से बहकर पहुंच गए पाकिस्तान, इन 7 भारतीयों ने सुनाई टॉर्चर की खौफनाक दास्तान


पाकिस्तान (Pakistan) की जेलों में यातनाएं झेल रहे 7 कैदियों को आज पड़ोसी मुल्क ने भारत (India) को सौंप दिया है। भारतीय नागरिक कैदियों की वापसी अटारी-वाघा बॉर्डर (Attari-Wagah Border) के रास्ते से हुई। भारतीय सीमा (Borders of India) पर तैनात अधिकारी अरुण महल ने बताया कि पाकिस्तान ने 7 कैदियों की रिहाई का आदेश दिया था, जो भारत को सौंप दिया गया। इसके बाद पाकिस्तानी रेंजर्स (Pakistan Rangers) ने 7 कैदियों को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हवाले कर दिया।
पाकिस्तान की तरफ से छोड़े गए 7 कैदियों को भारत की तरफ आते ही सबसे पहले आव्रजन कार्यालय तक लाया गया। अधिकारियों के मुताबिक इन सातों में से 6 पंजाब (Punjab) के रहने वाले हैं, जिनमें से 4 फिरोजपुर, एक लुधियाना (Ludhiana) और एक जालंधर का रहने वाला है। वहीं, बचा एक कैदी उत्तर-प्रदेश (Uttar Pradesh) का है। सभी साल 2023 में पाकिस्तान पहुंच गए थे। ये तब हुआ, जब तीन साल पहले पंजाब में बाढ़ (Flood) आई थी और ये 7 लोग अपने जानवरों को बचाने की कोशिश कर रहे थे।
पाकिस्तान की कैद से छूटकर भारत आने वाले एक शख्स ने बताया कि जब उसके गांव में पानी का तेज बहाव आया तो पुल गिर गया। उस समय पानी का बहाव बेहद तेज था और वह बहकर पाकिस्तान पहुंच गया। पाकिस्तान के अधिकारियों को उन्होंने लाख समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने और शख्स के खिलाफ सीमा पार करने का केस दर्ज कर लिया। शख्स ने बताया कि उसे तीन महीनों तक पाकिस्तान की जेल में रहना पड़ा, जहां बेरहमी से मारपीट की गई। उसने बताया कि पाकिस्तान की जेलों में कैद भारतीय नागरिकों (Indian Nationals) की हालत बेहद खराब है। कोई अंधा है तो किसी के पैर खराब हैं।
Pakistan की जेलों की बेरहमी सुनकर रो पड़ेंगे – मैं तीन महीने तक पाकिस्तानी जेल में रहा। उन्होंने हमें जमकर पीटा। मैं तो 28 दिनों तक रिमांड (remand) पर भी रहा। पाकिस्तानी जेलों में और भी भारतीय हैं। उन्हें वापस लाया जाना चाहिए। वहां एक मानसिक अस्पताल में 18 भारतीय भर्ती हैं।
India वापस लाने की कैदियों को उठ रही मांग – पाकिस्तान की कैद से भारत आए एक दूसरे शख्स ने कहा कि उसे भी 3 महीने तक पाकिस्तान की कैद में रहना पड़ा। शख्स ने मांग की कि पाकिस्तान की जेलों में बंद दूसरे भारतीय कैदियों को भी भारत लाया जाना चाहिए। पाकिस्तान की जेलों में बंद कैदियों की हालत को शख्स ने बद्तर बताया। उसने कहा कि वहां एक मानसिक अस्पताल में भारत के 18 नागरिक भर्ती हैं।