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IAF के लिए स्वदेशी पिनाका रॉकेट पर DRDO का काम शुरू, आर्मी वाले वर्जन से भी ज्यादा घातक होगा


रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी पिनाका रॉकेट सिस्टम के सतह से हवा में मार करने वाले ट्रक माउंटेड वर्जन को हवा से सतह पर वार करने वाले एयर वर्जन में बदलने का काम शुरू कर दिया है। डीआरडीओ की कोशिश है कि भारतीय वायु सेना को अपने फाइटर जेट के लिए ज्यादा सटीक, लंबी दूरी के हमले के लिए आजमाया हुआ स्वदेशी रॉकेट मिले, जिसकी डिमांड दुनिया भर से शुरू हो चुकी है।
पिनाका रॉकेट के एयर फोर्स वर्जन बनेंगे – डिफेंस डॉट इन की रिपोर्ट के अनुसार पिनाका रॉकेट सिस्टम के एरियल वर्जन में इसके आर्मी के मौजूदा लैंड-बेस्ड सिस्टम के गाइडेंस और नैविगेशन सिस्टम का तो इस्तेमाल हो सकता है, लेकिन फाइटर जेट से इस्तेमाल के लिए इसके मौजूदा हार्डवेयर में कई सारे बदलाव करने पड़ेंगे। बता दें कि पिनाका रॉकेट की मांग दुनिया भर के कई देशों से होने लगी है। ताजा चर्चा फ्रांस को लेकर भी शुरू है।
पिनाका रॉकेट के ढांचे में किए जाएंगे बदलाव – रिपोर्ट के अनुसार फाइटर जेट के सांचे में फिट आने के लिए पिनाका रॉकेट के एयर फोर्स वर्जन की लंबाई लगभग 4.8 मीटर की ही रहेगी, ताकि जेट के एयरोडायनामिक परफॉर्मेंस पर कोई असर न पड़े। इतनी लंबाई के रॉकेट सभी अत्याधुनिक फाइटर जेट से इस्तेमाल किए जा सकेंगे। इसके अलावा भी वैज्ञानिक इसके प्रपल्शन सिस्टम में भी कई तरह के बदलाव कर सकते हैं।
पिनाका रॉकेट एयर वर्जन की तकनीकी विशेषताएं – प्रिसिजन गाइडेंस- मिड कोर्स करेक्शन के लिए इनमें जीपीएस और इंटरनल नैविगेशन डेटा का इस्तेमाल किया जाएगा।
लंबी रेंज- यह ट्रक से लॉन्च होने वाले सरफेस टू एयर वर्जन की तुलना में ज्यादा लंबी रेंज के टारगेट को ध्वस्त करने में सक्षम होंगे। फाइटर प्लेन में इस्तेमाल की वजह से इनकी रेंज कहीं ज्यादा होगी।
ज्यादा बेहतर क्षमता- एयर फोर्स के पायलट को टारगेट के करीब जाने के बजाए दूर से ही निशाना बनाने में मदद मिलेगी, जिससे वह दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की चपेट में आने से अपने फाइटर जेट को भी सुरक्षित रख सकेगा।
महंगे रॉकेट और मिसाइलों से किफायती होंगे – पिनाका का एयर वर्जन अनगाइडेड रॉकेट सिस्टम और महंगी क्रूज मिसाइलों के मुकाबले कहीं ज्यादा किफायती होंगे। दुश्मन के रडार के लिए इनका पता लगाना ज्यादा मुश्किल होगा, जिससे यह उनके लॉजिस्टक ठिकानों, सैनिक बेड़ों और रडार सिस्टम को ज्यादा प्रभावी तरीके से निपटा सकेंगे।
आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई ताकत – सबसे बड़ी बात है कि पिनाका रॉकेट के मौजूदा फ्रेमवर्क पर ही तैयार किए जाने की वजह से डीआरडीओ के डेवलपमेंट पर लगने वाले खर्चे भी घटेंगे और समय की भी बचत होगी। वहीं इसे पूरी तरह से भारतीय वायु सेना की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है, तो उन्हें इससे एक नई आत्मनिर्भरता वाली ताकत मिलेगी।
पिनाका का मतलब क्या होता है – पिनाका भगवान शिव के दिव्य धणुष का नाम है। भगवान शिव बुराई के संहारक देवता माने जाते हैं, इस हिसाब से पिनाका रॉकेट का नाम शत्रुओं को नष्ट करने के लिए रखा गया है। रामायण और शिव पुराण जैसे सनातन धर्मग्रंथों में पिनाक को आध्यात्मिक शक्ति,ब्रह्मांडीय संतुलन और अज्ञानता के नाशक के रूप में वर्णित किया गया है।