
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का एक बयान तेजी से सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें उन्होंने बताया कि रूस ने भारत को पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (FGFA) पर साथ काम करने का ऑफर दिया था। पुतिन ने बयान में कहा कि रूस और भारत को FGFA प्रोग्राम पर भारत को साथ काम करने का ऑफर दिया था लेकिन नई दिल्ली ने अपने कदम पीछे खींच लिए जिसके बाद हमने अकेले आगे बढ़ने का फैसला किया।
पुतिन ने कब दिया था ये बयान? – पुतिन ने इसी साल जून की शुरुआत में सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम के दौरान दुनिया की न्यूज एजेंसियों को इंटरव्यू दिया था। इसमें भारत की समाचार एजेंसी पीटीआई ने भी हिस्सा लिया था। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति ने एक सवाल के जवाब में बताया था कि रूस ने भारत के साथ Su-57 पर काम शुरू किया था।
पुतिन ने इंटरव्यू में भारत को पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट Su-57 के संयुक्त उत्पादन का प्रस्ताव दिया। रूसी राष्ट्रपति ने यहां तक कहा कि मॉस्को बिना किसी सीमा के सहयोग करने को तैयार है। पुतिन ने Su-57 के टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और भारतीय हथियार प्रणालियों के साथ इंटीग्रेशन का भी प्रस्ताव दिया था और कहा कि यह FGFA प्रोग्राम दोनों देशों के बीच जॉइंट वेंचर हो सकता है।
पुतिन ने दिया खुला ऑफर – रूसी नेता ने कहा था, “हम भारत को यह एयरक्राफ्ट देने और इसे आगे विकसित करने के लिए तैयार हैं। हमें कोई समस्या या सीमा नहीं है।” पुतिन की यह पुरानी टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब भारत का AMCA प्रोग्राम देरी का सामना कर रहा है और इसके 2030 के दशक के मध्य तक शुरू होने की उम्मीद है। इसे लेकर लोग सोशल मीडिया पर अपनी राय रख रहे हैं।
Home / Uncategorized / ‘रूस ने दिया Su-57 स्टील्थ फाइटर का ऑफर, भारत ने ठुकराया’, पुतिन का ये पुराना बयान क्यों हो रहा वायरल
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