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ये कैसी आत्मनिर्भरता? कांग्रेस ने आंकड़ों से कसा सरकार पर तंज, LPG-पेट्रोल पर पूछे ऐसे तीखे सवाल


ईरान जंग की वजह से भारत में ऊर्जा संकट को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा कि वर्ष 2014-15 से 2024-25 के बीच भारत की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता 84% से बढ़कर 90% हो गई। इसी समान अवधि में भारत की LPG आयात पर निर्भरता 46% से बढ़कर 62% हो गई। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सब तब हुआ, जब आत्मनिर्भरता का मंत्र दिया जा रहा था।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने X पर कहा , ‘2014/15 से 2024/25 के बीच भारत की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता 84% से बढ़कर 90% हो गई। 2014/15 से 2024/25 के बीच भारत की LPG आयात पर निर्भरता 46% से बढ़कर 62% हो गई। यह सब तब हुआ, जब आत्मनिर्भरता का मंत्र दिया जा रहा था।’
प्राकृतिक गैस की कहानी तो और भी धुंधली – कांग्रेस नेता ने कहा कि प्राकृतिक गैस की कहानी तो और भी धुंधली है। उन्होंने कहा कि 26 जून 2005 को गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री (नरेंद्र मोदी) ने यह डिंग हांकी थी कि गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (GSPC) ने कृष्णा-गोदावरी बेसिन के गहरे समुद्री क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा गैस भंडार खोजा है।
प्रधानमंत्री के वादे का क्या हुआः जयराम रमेश – जयराम रमेश ने कहा कि पीएम मोदी ने घोषणा की थी कि इससे भारत ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएगा। लेकिन 2011 से 2016 के बीच CAG की 5 रिपोर्टों में बाद में सामने आया कि यह 20,000 करोड़ रुपये का घोटाला था, जिसे बाद में अगस्त 2017 में GSPC का ONGC में विलय कराकर ढक दिया गया। जिस गैस का इतना बड़ा वादा किया गया था, वह अंततः गैस ही निकली।
पेट्रोल, डीजल या एलपीजी पर सरकार का बयान – केंद्र ने गुरुवार को बताया था कि देश के पास लगभग 60 दिनों का ईंधन भंडार है और पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
केंद्र ने दहशत पैदा करने के वास्ते ईंधन की कमी की खबरों को ‘जानबूझकर फैलाया गया गलत सूचना अभियान’ बताया।
सभी पेट्रोल पंप पर पर्याप्त स्टॉक है जो सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। पेट्रोल-डीजल की कोई राशनिंग नहीं की जा रही है।
पेट्रोलियम उत्पादों के परिशोधन के मामले में दुनिया में चौथे और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक भारत, घरेलू ईंधन की उपलब्धता को सुनिश्चित करता है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक भारत 150 से अधिक देशों को परिष्कृत ईंधन की आपूर्ति करता है।