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‘भगवान जैसा AI आएगा और..’ Perplexity CEO ने तोड़ा सबसे बड़ा भ्रम, बताया AI की दुनिया का सच


आज पूरी दुनिया को एक ऐसे AI का इंतजार है, जो कि ‘गॉड-लाइक’ यानी इंसानों की तरह हर काम में माहिर होगा। इस धारणा पर वार करते हुए Perplexity के CEO अरविंद श्रीनिवास ने बड़ी बात कही है। दरअसल उन्होंने चेतावनी दी है कि हम जिस एआई क्रांति की कल्पना कर रहे हैं, वह वैसी नहीं होगी जैसा हम सोच रहे हैं। उनके मुताबिक ऐसा कोई AI नहीं आएगा, जो हर काम में माहिर होगा। उनके मुताबिक अब AI मॉडल अपनी अलग पहचान बना रहे है। हर मॉडल अलग हुनर में माहिर होगा और ऐसी कल्पना करना कि भगवान जैसा हर काम में माहिर AI आएगा, फिजूल है।
क्या बोले अरविंद श्रीनिवास? 9 अरविंद श्रीनिवास के मुताबिक कोई भी AI हर काम में बेस्ट नहीं हो सकता। 2025 के बाद से यह साफ है कि AI मॉडल अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने उदाहरण दिए कि कोडिंग में OpenAI के मॉडल्स अलग तरह से काम करते हैं, तो Anthropic के ‘Claude’ मॉडल्स का अपना एक अलग हुनर है। श्रीनिवास के मुताबिक भविष्य जेनरिक AI का नहीं है जो हर काम थोड़ा-बहुत कर सके, बल्कि उन स्पेशलिस्ट AI का होगा, जो किसी एक काम में दुनिया में सबसे बेहतर होंगे।
एक AI कंपनी की वफादारी खतरनाक – टेक कंपनियों की कोशिश रहती है कि वे ग्राहक को अपने इकोसिस्टम में फंसा लें। श्रीनिवास ने इसे कंपनियों के लिए खतरनाक बताया है। उन्होंने एक एआई प्रोवाइडर पर निर्भर हो जाने को सुसाइड मिशन बताया है। उनके मुतबाकि यह खुद ही अपनी तरक्की को रोकने जैसा है। श्रीनिवास ने कहा कि आज AI टेक्नोलॉजी हर तीन महीने में खुद को अपडेट कर रही है। ऐसे में किसी भी एक AI कंपनी का फैन हो जाना आपको रेस में पीछे पहुंचा सकता है। उनके मुताबिक जीतेंगे वही जिन्हें फर्क नहीं पड़ेगा कि एआई किसने बनाया है।
अब ‘इंटेलीजेंस’ बनाने से बड़ा काम है उसे दिशा देना – श्रीनिवास का मानना है कि अब असली ताकत उनके पास नहीं होगी जिनका अपना AI है, बल्कि यह ऑर्केस्ट्रेटर यानी उसे दिशा देने वालों के पास होगी। यह ठीक वैसा ही है जैसे एक म्यूजिक शो में म्यूजिक डायरेक्टर तय करता है कि कब कौन सा म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट बजेगा।
श्रीनिवास के मुताबिक भविष्य के सफल ऑपरेटर वे होंगे जो अलग-अलग स्पेशलाइज्ड एआई नेटवर्क को आपस में जोड़ेंगे और उन्हें सही काम पर लगाएंगे।