
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को कहा कि अगर देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनना है तो सांसदों को व्यक्तिगत पसंद और नापसंद से ऊपर उठना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हम खुद घर में हालात ठीक नहीं करते हैं, तो कोई भी बाहर से हमारी सहायता के लिए नहीं आएगा। उन्होंने आतंकवादी हमलों की बढ़ती घटनाओं से निपटने के लिए एक रणनीति बनाने के वास्ते ‘नेशनल एपेक्स कमिटी’ की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह टिप्पणी की। इस बैठक में राजनीति और सेना के हाई-प्रोफाइल सदस्य शामिल हुए। प्रधानमंत्री शरीफ ने पिछले महीने एपेक्स कमिटी की एक बैठक में भाग न लेने के लिए इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी की आलोचना की।
इमरान खान की पीटीआई पर बिफरे शहबाज शरीफ – उन्होंने कहा कि पेशावर घटना के बाद मैंने सभी राजनीतिक पक्षकारों को आमंत्रित किया..लेकिन उन्होंने (पीटीआई) इसमें हिस्सा लेना मुनासिब नहीं समझा और वे अब भी मामलों को सड़कों पर सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। शरीफ ने कहा कि समृद्धि के खातिर हमें एक साथ बैठना होगा और सौहार्द्रपूर्ण तरीके से मामले को सुलझाना होगा लेकिन दुर्भाग्य से एक वर्ग मामलों को बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है जो कि निंदनीय है। अगर हम पाकिस्तान को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना चाहते हैं तो हमें व्यक्तिगत पसंद और नापसंद से ऊपर उठना होगा।
नेशनल काउंटर-टेररिज्म अथॉरिटी को बताया निष्क्रिय संस्थान – देश में सुरक्षा की अनिश्चित स्थिति के बारे में प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा कि नेशनल काउंटर-टेररिज्म अथॉरिटी (एनएसीटीए) निष्क्रिय संस्थान बन गया है और अब इसके स्थान पर राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपी) बनाने का वक्त आ गया है। एनएपी की स्थापना 2014 में पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल पर जघन्य हमले के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के तत्कालीन गवर्नरों ने की थी। इस हमले में 130 छात्रों की मौत हो गयी थी।
तालिबान के बात कर रहा पाकिस्तान – शुक्रवार को यह बैठक तब हुई है जब इससे पहले रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और देश की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम ने पाकिस्तान में आतंकवादी हमले बढ़ने को लेकर चर्चा करने के लिए काबुल में अफगानिस्तान तालिबान सरकार के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की।
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