
जिस तरह इंसान को जीवित रहने के लिए हवा, पानी और भोजन की ज़रूरत पड़ती है ठीक उसी तरह उसे सूरज की रोशनी की भी उतनी ही दरकार होती है। अब जरा सोचें, अगर कहीं सूरज ही ना निकले तो वहां के लोग कैसे रहते होंगे। आपको इस बात हैरानी जरुर होगी, लेकिन ये बात बिलकुल सच है। ये दुनिया अपनी अजीबोगरीब मान्यताओं और स्थानों से भरी पड़ी है।
यहां इटली का एक गांव जो विगल्लेना में कभी सूरज निकलता ही नहीं है। लेकिन सबसे बड़ी बात की लोग इससे हार मानकर नहीं बैठे और यहां रहने वाले लोगों ने अपना ही सूरज बना लिया।
दरअसल, इस गांव के पास स्थित एक पहाड़ सूरज को इस तरह से ढ़क लेता था कि गांव तक सूरज की रोशनी कभी पंहुच ही नही पाती थी। जिस कारण गांव के लोग काफी परेशान भी रहते थे। साथ ही उन्हें सूरज की रोशनी नहीं मिल पाने से इसकी कमी काफी खलती भी थी। मिलान के उत्तरी भाग में 130 किमी नीचे बसा है इस गां की कुल आबादी 200 है।
लंबे समय तक गांव के लोगों को सूरज की रोशनी ना मिल पाने से लोग ये मान चुके थे कि उनके गांव का अंधेरा कभी नहीं जाएगा। लेकिन इस गांव के इंजीनियर तथा आर्किटेक्ट ने यहां के लोगों के मन में एक आस जगा दी कि अब जल्द ही सूरज उग आएगा। जिसके बाद विगल्लेना गांव के मेयर पेरफ्रांको मिदाली की सहायता से 1 लाख यूको खर्च करके 40 वर्ग किलोमीटर शीशे को खरीदा गया। जिसके बाद गांव की तस्वीर बदलने लगी।
दरअसल, इस शीशे को पहाड़ के दूसरी ओर 1,100 किलोमीटर की ऊंचाई पर लगाया गया, जिससे सूरज की धूप शीशे पर सीधे पड़े और जिसके बाद गांव पर सूरज की रोशनी पड़ सके। जिसके बाद गांव के लोगों को अपना सूरज मिल सका।
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