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वर्ल्ड कप में अंग्रेजों का घमंड तोड़ने वाला क्रिकेटर हुआ रिटायर, जिसके नाम दर्ज है ऐतिहासिक हैट्रिक


बांग्लादेशी तेज गेंदबाज रुबेल हुसैन ने 36 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। वह वनडे में 129 विकेट के साथ देश के 5वें सबसे सफल गेंदबाज हैं। 2015 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ उनकी गेंदबाजी आज भी फैंस के जेहन में ताजा है।
बांग्लादेश क्रिकेट के दिग्गज तेज गेंदबाज रुबेल हुसैन ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। 36 साल के इस गेंदबाज ने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। रुबेल ने अपने करियर में बांग्लादेश के लिए कई ऐतिहासिक जीत दर्ज कीं, जिसमें 2015 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ मिली जीत सबसे यादगार रही। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे घरेलू क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे।
सोशल मीडिया पर भावुक विदाई – रुबेल ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘मैं तेज गेंदबाज रुबेल हुसैन हूं। मैंने बांग्लादेश के लिए 27 टेस्ट, 104 वनडे और 28 टी20 मैच खेले हैं। राष्ट्रीय टीम मेरा जुनून है, लेकिन एक समय पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को छोड़ना ही पड़ता है। उसी बात को ध्यान में रखते हुए, मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह रहा हूँ। घरेलू क्रिकेट में मेरा सफर जारी रहेगा। मेरे परिवार, दोस्तों, मीडिया और फैंस को शुक्रिया।’
वनडे क्रिकेट में मचाया कोहराम, ली थी हैट्रिक – रुबेल का सबसे शानदार प्रदर्शन वनडे फॉर्मेट में रहा। वे 104 वनडे मैचों में 129 विकेटों के साथ बांग्लादेश के पांचवें सबसे सफल गेंदबाज के रूप में रिटायर हुए हैं। उनसे आगे केवल शाकिब अल हसन (317), मशरफे मुर्तजा (269), अब्दुर रज्जाक (207) और मुस्तफिजुर रहमान (182) हैं। 2013 में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने 6/26 का स्पेल फेंका था, जिसमें एक शानदार हैट्रिक भी शामिल थी। रुबेल अपने वनडे डेब्यू पर 4 विकेट लेने वाले बांग्लादेश के पहले गेंदबाज बने थे।
2015 वर्ल्ड कप के हीरो – रुबेल के करियर का सबसे बड़ा क्षण 2015 वनडे वर्ल्ड कप में आया। इंग्लैंड के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले में उन्होंने 9.3 ओवर में 4/53 का जादुई स्पेल फेंका था। उनकी घातक गेंदबाजी की बदौलत बांग्लादेश ने इंग्लैंड को हराकर पहली बार वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। उस मैच के बाद रुबेल रातों-रात बांग्लादेश के नेशनल हीरो बन गए थे।
जुझारूपन और संघर्ष की मिसाल – रुबेल हुसैन को उनकी तेज गति और स्लिंगी एक्शन के लिए जाना जाता था। अपने 13 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने कई बार चोटों का सामना किया और उभरते हुए युवा गेंदबाजों से कड़ी प्रतिस्पर्धा भी झेली, लेकिन वे हमेशा टीम के एक जुझारू सदस्य बने रहे। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 27 मैचों में 36 और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 28 मैचों में 28 विकेट लिए।