Wednesday , April 15 2026 7:05 PM
Home / Sports / पाकिस्तानी खिलाड़ी ने उतार दी PSL की इज्जत, IPL से तुलना पर कहा- रिटायर्ड खिलाड़ी तो तुम्हारी लीग खेलते हैं

पाकिस्तानी खिलाड़ी ने उतार दी PSL की इज्जत, IPL से तुलना पर कहा- रिटायर्ड खिलाड़ी तो तुम्हारी लीग खेलते हैं


पाकिस्तान सुपर लीग की तुलना अक्सर इंडियन प्रीमियर लीग से की जाती रही है लेकिन पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर अहमद शहजाद ने इस बहस पर पीसीबी को आईना दिखाया है। शहजाद ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और उन विदेशी खिलाड़ियों को आड़े हाथों लिया है जो महज सुर्खियां बटोरने के लिए पीएसएल को आईपीएल से बेहतर या बराबर बताते हैं। शहजाद का मानना है कि पीएसएल का स्तर आईपीएल के सामने कहीं नहीं ठहरता और पीसीबी के दावे हकीकत से कोसों दूर हैं।
अहमद शहजाद ने खोली पीएसएल की पोल – हाल ही में क्वेटा ग्लैडिएटर्स के खिलाड़ी राइली रूसो ने आईपीएल को फिल्म और पीएसएल को अधिक प्रतिस्पर्धी लीग बताया था जिस पर शहजाद ने तीखा पलटवार किया। शहजाद ने कहा कि रूसो जैसे खिलाड़ी सिर्फ इसलिए पीएसएल की तारीफ कर रहे हैं क्योंकि उन्हें वहां से पैसा मिल रहा है। उन्होंने बोर्ड की उन नीतियों पर भी सवाल उठाए जिसमें आईपीएल खेलने के लिए पीएसएल छोड़ने वाले ब्लेसिंग मुजरबानी पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया गया जबकि दासुन शनाका और स्पेंसर जॉनसन जैसे खिलाड़ियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रिटायर्ड खिलाड़ी खेलते हैं पीएसएल – खिलाड़ियों के चयन और लीग के स्तर पर कड़ा प्रहार करते हुए अहमद शहजाद ने कहा, ‘पीएसएल में अब सिर्फ वही खिलाड़ी बचे हैं जो या तो आईपीएल से रिटायर हो चुके हैं या वहां अनसोल्ड रहे हैं या फिर जिनका आईपीएल में अब कोई भविष्य नहीं बचा है जैसे डेविड वार्नर और स्टीव स्मिथ। अगर आज के किसी भी मौजूदा खिलाड़ी को मौका मिले तो वह पीएसएल के बजाय आईपीएल को ही चुनेगा। ऐसे में आप (पीसीबी) और कितने खिलाड़ियों पर बैन लगाएंगे?’
और ज्यादा गिर चुकी है पीएसएल – शहजाद ने साफ तौर पर कहा कि पीसीबी को यह समझना होगा कि दुनिया का कोई भी खिलाड़ी आईपीएल के वित्तीय लाभ और वैश्विक मंच को छोड़कर पाकिस्तान आने को तैयार नहीं है। उन्होंने मुजरबानी के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि यह एक पेशेवर खिलाड़ी की स्वाभाविक पसंद है। पीसीबी ने पीएसएल 2026 को बड़ा बनाने के लिए इसमें दो नई टीमें जोड़कर कुल 8 टीमें तो कर दी हैं लेकिन शहजाद के अनुसार इससे लीग की गुणवत्ता में सुधार के बजाय उसमें गिरावट ही आई है।