
बहुत से लोगों का ऐसा मानना है कि रिश्ते में जितना मजाकिया लहजा अपनाएंगे उतना आप दोनों के बीच प्यार परवान चढ़ता जाएगा। हालांकि, हम अगर कहें कि ऐसा नहीं होता, तो क्या आप मानेंगे। लेकिन असल में ऐसा ही है। रिश्ते में ज्यादा हंसी-मजाक करना सही नहीं है।
बहुत से कपल्स का ऐसा मानना है कि अगर उनके रिश्ते में हंसी-मजाक है, तो एक तो उनके बीच सब कुछ सही चल रहा है। वहीं उनकी बॉन्डिग भी मजबूत है। यही नहीं, कुछ लोग तो ऐसा कहते भी हैं कि रिश्ते में जितना मजाकिया लहजा होगा, प्यार न केवल उतना ज्यादा परवान चढ़ता जाएगा बल्कि टकराव की आशंका भी उतनी ही कम होगी। लेकिन हम कहें कि रिश्ते में हंसी-मजाक कभी-कभार संबंधों में मजबूती की जगह कपल्स के अलग होने का कारण बनता है, तो क्या ये बात आप मानेंगे। नहीं ना…, लेकिन जनाब यही सच है।
दरअसल, कपल्स के बीच हंसी-मजाक वाला व्यवहार कुछ हद तक तो ठीक है, लेकिन एक समय बाद यह रवैया अच्छा नहीं लगता है। ऐसा इसलिए क्योंकि मजाकिया अंदाज में लोग एक-दूसरे को ताने मारने लग जाते हैं, जिसके बाद न केवल कपल्स के बीच रोष पैदा हो जाता है बल्कि कभी-कभार बात इतनी ज्यादा बिगड़ जाती है कि वो दोनों एक-दूसरे के साथ रहने तक को तैयार नहीं होते। (सभी तस्वीरें-Istock)
पहले समझिए मजाक के मायने – सिंगापुर मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिक केनेथ टैन ने 110 रोमांटिक जोड़ों पर स्टडी की, जिसके बाद उन्होंने बताया कि जिस दिन रोमांटिक जोड़े एक-दूसरे के साथ मजाकिया थे, उस दिन उन्होंने अपने रिलेशनशिप सेटिस्फेक्शन को हाई पाया। वहीं जब वह सीरियस थे, तो उन्हें एक-दूसरे के साथ अच्छा नहीं लगा।
वहीं एक अमेरिकी मनोवैज्ञानिक ने अपनी रिसर्च में बताया कि दो पार्टनर्स के बीच हंसी-मजाक की कमी उनके अलग होने का कारण बनता है। ऐसे में रिश्ते में हंसी-मजाक का होना जरूरी है, लेकिन एक हद तक। दरअसल, मजाक में किसी को अपमानित करना या किसी की बेबसी पर हंसी उड़ाना सही नहीं है।
तंज को मजाक का नाम देना सही नहीं – किसी ने ठीक कहा है कि मजाक ऐसा हो, जिसमें बोलने और सुनने वाला दोनों हंसें। ऐसा न हो कि सामने वाला आपकी बात सुनकर बुरी तरह गुस्सा हो जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर रिश्ते में ऐसी स्थिति आई, तो आप दोनों के बीच सबकुछ खराब हो जाएगा। वहीं आपका मजाक पार्टनर के दिल में घर जाएगा।
व्यक्तिगत मुद्दे मजाक के लायक नहीं होते – कभी-कभी मजाक-मजाक में हम ऐसी बातें कह देते हैं, जो दूसरे व्यक्ति को बुरा लग सकती हैं। खासकर जब मजाक किसी की कमजोरी या असुरक्षा पर हो, तो यह बहुत दर्दनाक हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति लगातार मजाक का पात्र बने तो उसे लगता है कि आप उसकी भावनाओं का ख्याल नहीं रखते हैं। इससे उनके बीच विश्वास कम होता है।
कैसे करें हंसी-मजाक को संतुलित? – हर व्यक्ति का सेंस ऑफ ह्यूमर अलग होता है। किसी को जो मजेदार लगता है, वो दूसरे को बुरा लग सकता है। ऐसे में मजाक करते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपकी बात दूसरे व्यक्ति को कैसी लगेगी। अगर कोई व्यक्ति आपके मजाक पर नाराज हो रहा है, तो उसे समझने की कोशिश करें। यही नहीं, अगर आपने अनजाने में किसी को दुख पहुंचा दिया है, तो माफी मांगने में संकोच न करें। इससे आपका रिश्ता खराब नहीं होगा।
Home / Lifestyle / साथी के चुप रहने से ही नहीं बल्कि ज्यादा हंसी-मजाक करने से भी हो सकता है रिश्ता खराब, ये 4 कारण बताएंगे सब कुछ
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