
दुनिया का सबसे खतरनाक माने जाना वाला AI मॉडल Mythos गलत हाथों में पड़ गया है। एक रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया है और एंथ्रोपिक की ओर से पुष्टि हुई है कि वे इस मामले की जांच कर रहे हैं। गौर करने वाली बात है कि यह मॉडल इतना ताकतवर और खरतनाक है कि कंपनी ने आम लोगों के लिए रिलीज ही नहीं किया। इसे प्रोजेक्ट ग्लासविंग के तहत चुनिंदा कंपनियों को साइबर सुरक्षा बढ़ाने के लिए दिया गया है। अब इस मॉडल का बाहरी लोगों द्वारा नियमित इस्तेमाल करना बडे सवाल खड़े कर रहा है।
एंथ्रोपिक का सबसे खतरनाक AI लीक – दुनिया का सबसे खतरनाक माने जाने वाला AI मॉडल गलत हाथों में पड़ गया है? दरअसल ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट आई है, जिसके अनुसार एंथ्रोपिक के सबसे नए और बेहद शक्तिशाली मॉडल Mythos तक बाहरी लोगों ने पहुंच बना ली है। बता दें कि Mythos नाम के इस मॉडल को इतना शक्तिशाली औपर खतरनाक बताया जाता है कि कंपनी ने इसे आम लोगों के लिए रिलीज नहीं किया था। सुरक्षा के नजरिए से इसका एक्सेस प्रोजेक्ट ग्लासविंग के तहत फिलहाल चंद कंपनियों के पास ही है। रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि Mythos तक पहुंच बनाने वाले बाहरी लोग इसका नियमित इस्तेमाल भी कर रहे थे। इस रिपोर्ट के बाद से सवाल उठने लगे हैं कि क्या दुनिया का सबसे खतरनाक कहे जाने वाला AI मॉडल वाकई सुरक्षित है या नहीं?
कैसे हुई इतनी बड़ी चूक? – ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट बताती है कि एक निजी ऑनलाइन फोरम के कुछ यूजर्स ने Mythos मॉडल तक पहुंच तब बनाई, जब एंथ्रोपिक ने इसके लिमिटेड रिलीज की घोषणा की थी। एंथ्रोपिक का इस मामले में कहना है कि वे जांच कर रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस सेधमारी को किसी थर्ड पार्टी वेंडर के सिस्टम का फायदा उठाकर अंजाम दिया गया है।
क्या है Project Glasswing और Mythos? – Mythos एक AI मॉडल है, जिसे कि दुनिया का सबसे ताकतवर और खतरनाक AI बताया जाता है। 7 अप्रैल को घोषित इस मॉडल को प्रोजेक्ट ग्लासविंग के हिस्से के रूप में पेश किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तरह Mythos का एक्सेस ऐसी कंपनियों को दिया गया है, जो इसका इस्तेमाल डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने यानी डिफेंसिव साइबर सिक्योरिटी के लिए कर सकें।
इस AI को खतरनाक मानने की वजह ये है कि इसे सुरक्षा की खामियों को पहचानने में बेजोड़ माना जाता है। हालांकि अब इस मॉडल के लीक होने के बाद सुरक्षा के दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
Mythos के गलत हाथों में पड़ने का मतलब क्या? – Mythos को दुनिया का सबसे खतरनाक AI मॉडल इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह डिजिटल सुरक्षा की कमजोरियों को पलभर में पहचान सकता है और उनका इस्तेमाल भी कर सकता है। ऐसे में इसका गलत हाथों में जाना दुनिया भर की सरकारोंके लिए डर की वजह बना हुआ है। ऐसा हुआ तो बड़े स्तर पर साइबर हमलों और डेटा चोरी की घटनाएं सामने आ सकती हैं। यही वजह है कि सरकारें इसके पब्लिक रिलीज को लेकर पहले ही चिंतित हैं।
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