
भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास लेने से हर कोई हैरान है। 12 मई को कोहली के इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट करते हुए टेस्ट क्रिकेट छोड़ने का फैसला कर लिया। लेकिन, इस पोस्ट में संन्यास के कारण के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। विराट ने यह ऐलान इंग्लैंड दौरे के लिए टीम के चयन से ठीक पहले किया। इससे कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ का मानना है कि कोहली इंग्लैंड सीरीज के लिए तैयार थे। लेकिन, उन्हें चयन समिति से समर्थन नहीं मिला। समिति को कोहली के हालिया प्रदर्शन पर चिंता थी। उन्हें टीम में कोहली की जगह पर भी संदेह था।
सीरीज के लिए तैयार थे कोहली – मोहम्मद कैफ ने कहा कि कोहली इंग्लैंड सीरीज के लिए तैयार थे। उन्होंने रणजी ट्रॉफी में खेलने का फैसला भी किया था। लेकिन, कैफ को लगता है कि कोहली को चयन समिति से समर्थन नहीं मिला। चयन समिति को उनके हालिया प्रदर्शन पर चिंता थी। उन्हें टीम में कोहली की जगह पर भी संदेह था। कैफ ने कहा, ‘मुझे लगता है कि वह इस फॉर्मेट में खेलना जारी रखना चाहते थे। जरूर बीसीसीआई के साथ उनकी कुछ अंदरूनी बातें हुई होंगी। सेलेक्टर्स ने पिछले 5-6 सालों में उनके प्रदर्शन को लेकर चिंता जताई होगी। उन्होंने कोहली से कहा होगा कि टीम में उनकी जगह अब पक्की नहीं है। हमें कभी पता नहीं चलेगा कि वास्तव में क्या हुआ। पर्दे के पीछे क्या हुआ, इसका अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल है।’
कैफ ने आगे कहा, ‘लेकिन, आखिरी समय में लिए गए फैसले को देखते हुए, रणजी ट्रॉफी खेलने के बाद, मुझे लगता है कि वह आगामी टेस्ट में वापसी करना चाहते थे। पिछले कुछ हफ्तों में जो कुछ भी हुआ, उससे उन्हें शायद बीसीसीआई और चयनकर्ताओं से वह समर्थन नहीं मिला, जिसकी उन्हें उम्मीद थी।’
अच्छा नहीं रहा कोहली को प्रदर्शन – पिछले 5 सालों में कोहली के प्रदर्शन में गिरावट आई थी। उन्होंने 68 पारियों में सिर्फ 2028 रन बनाए। इसमें तीन शतक शामिल थे। उनके करियर का औसत भी गिरकर 46 हो गया था। कोहली ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वापसी के संकेत दिए थे। उन्होंने पर्थ में शानदार शतक बनाया था। लेकिन, बाकी दौरे में सिर्फ 90 रन ही बना पाए। भारत वह सीरीज 1-3 से हार गया था।
ऑस्ट्रेलिया में नहीं आए थे रन – कैफ को लगता है कि ऑस्ट्रेलिया में कोहली का आक्रामक रवैया यह दर्शाता है कि वह टेस्ट क्रिकेट से ऊब चुके थे। उन्होंने कहा, ‘बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में वह रन बनाने की जल्दी में दिख रहे थे। टेस्ट क्रिकेट में आपको घंटों क्रीज पर टिके रहना होता है। पहले वह ऐसा करते थे। लेकिन, गेंद को ड्राइव करने की कोशिश में वह लगातार स्लिप में कैच आउट हो रहे थे। इससे मुझे लगा कि उनका धैर्य थोड़ा कम हो गया है।’
कैफ ने आगे कहा, ‘शायद वह सोच रहे थे कि मैं अपने करियर के आखिरी दौर में हूं। अब मुश्किल शतक बनाने का क्या फायदा। पहले उनमें अलग स्तर का धैर्य दिखता था। वह गेंदों को छोड़ते थे, समय लेते थे, गेंदबाजों को थकाते थे और फिर उन पर हमला करते थे। लेकिन, मुझे ऑस्ट्रेलिया में ऐसा नहीं दिखा।’ कैफ ने कहा, ‘स्लिप में बार-बार आउट होना दिखाता है कि वह घंटों क्रीज पर बिताने के लिए तैयार नहीं थे। बीसीसीआई से बातचीत और रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को समझने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया होगा।’
Home / Sports / वो खेलना चाहते थे, सेलेक्टर्स से नहीं मिला सपोर्ट… विराट कोहली के रिटायरमेंट के 3 दिन बाद बड़ा खुलासा
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