
चीन ने नेपाल में जमीन में दबा अरबों डॉलरी की कीमत का खजाना ढूंढा है। यह इतना ज्यादा कि नेपाल को अगले 50 साल तक इसकी आयात की जरूरत नहीं होगी। इससे नेपाल की अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल आने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, ऐसा माना जा रहा है कि इसे चीनी कंपनी संचालित करेगी।
पश्चिमी नेपाल में कुल मीथेन गैस भंडार लगभग 430 अरब घन मीटर तक पहुंच सकता है, जो संभवतः देश की गैस की मांग को लगभग 50 वर्षों तक पूरा करने के लिए पर्याप्त है। गुरुवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। सरकारी दैनिक गोरखापत्र के अनुसार, चीन भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (सीजीएस) द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में दैलेख जिले के जलजले क्षेत्र में लक्षित चार कुओं में से केवल एक से प्रारंभिक निष्कर्ष पेश किए गए हैं। इससे देश के घरेलू ऊर्जा स्रोतों का दोहन करने की संभावना बढ़ गई है।
1.12 अरब घन मीटर मीथेन मौजूद – गुरुवार को नेपाल सरकार के साथ निष्कर्ष साझा किए गए। यह अन्वेषण नेपाल और चीन के बीच 2019 में हस्ताक्षरित एक द्विपक्षीय समझौते के तहत किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है, “पहला खुदाई अभियान 11 मई, 2021 को शुरू किया गया, जो 4,000 मीटर से अधिक की गहराई तक पहुंच गया। इससे एक ही कुएं में अनुमानित 1.12 अरब घन मीटर मीथेन का पता चला।
नेपाल की 50 साल की जरूरतें होंगी पूरी – गोरखापत्र ने कहा, “रिपोर्ट में चार लक्षित कुओं में से सिर्फ एक से प्राप्त प्रारंभिक निष्कर्षों को दर्शाया गया है। शुरुआती अनुमानों के आधार पर, इस क्षेत्र में कुल भंडार 430 अरब घन मीटर तक पहुंच सकता है, जो संभवतः नेपाल की गैस की मांग को लगभग 50 वर्षों तक पूरा कर सकता है।”
नेपाल ने जताई खुशी – खान एवं भूविज्ञान विभाग के उप महानिदेशक तथा पेट्रोलियम अन्वेषण परियोजना के प्रमुख दिनेश कुमार नापित ने कहा कि यह स्थल नेपाल में अब तक किया गया सबसे गहरा तथा वैज्ञानिक रूप से उन्नत अन्वेषण है। गैस की गुणवत्ता, वाणिज्यिक व्यवहार्यता और आर्थिक क्षमता का आकलन करने के लिए आगे का परीक्षण जारी है।
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