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जीभ का लाल और चिकना होना है खतरनाक, ऐसे 5 बदलाव खोल देते हैं अंदर छिपी हुई बीमारी


जीभ शरीर के उन हिस्सों में शामिल है जहां होने वाले कुछ बदलाव मुंह की सेहत के बारे में महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं। जीभ पर हल्की सफेद या पीली परत कई बार खराब ओरल हाइजिन, पानी की कमी, मुंह से सांस लेने या भोजन के अवशेषों के कारण हो सकती है। लेकिन लंबे समय तक रहने वाले सफेद पैच ओरल थ्रश या ल्यूकोप्लाकिया जैसी स्थितियों से जुड़े हो सकते हैं। जीभ पर लगातार बनी रहने वाली गांठ या सूजन, ऐसा घाव जो दो से तीन सप्ताह में ठीक न हो, तथा अचानक रंग या टेक्चर में स्थायी बदलाव को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
जीभ सिर्फ स्वाद पहचानने का काम नहीं करती, बल्कि उसके रंग, सतह और आकार में आए बदलाव कई बार मुंह की सेहत के बारे में महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं। जीभ पर सफेद परत दिखना हमेशा गंभीर बीमारी नहीं होता, लेकिन लगातार बना रहने वाला सफेद या लाल पैच, गांठ, सूजन या ऐसा घाव जो ठीक नहीं हो रहा हो, जांच की जरूरत बता सकता है। इसके अलावा विटामिन बी12, आयरन और फोलेट जैसे पोषक तत्वों की कमी भी जीभ को लाल, चिकनी या दर्दनाक बना सकती है। इसलिए हर बदलाव को बीमारी समझना भी सही नहीं है और हर असामान्य बदलाव को नजरअंदाज करना भी ठीक नहीं।
जीभ में बदलाव को नजरअंदाज क्यों नहीं करना चाहिए? – जीभ की सामान्य सतह पर छोटे-छोटे उभार यानी पैपीलैई(papillae) होते हैं। इनमें बदलाव होने पर जीभ की बनावट और रंग अलग दिखाई दे सकता है। कई बार इसका कारण साधारण होता है, जैसे मुंह की सफाई ठीक न होना, डिहाइड्रेशन, मुंह से सांस लेना, धूम्रपान या दांतों अथवा डेंटल उपकरण से होने वाली लगातार रगड़। मैयोक्लीनिक के अनुसार सफेद जीभ के पीछे इन कारणों के अलावा ओरल थ्रश, geographic tongue और leukoplakia जैसी स्थितियां भी हो सकती हैं।
यही वजह है कि जीभ में अचानक आए बदलाव को देखकर घबराने के बजाय उसकी अवधि, रंग, बनावट और साथ मौजूद लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है। अगर कोई बदलाव लगातार बना रहता है या दर्द, खून आना, निगलने में परेशानी अथवा गांठ के साथ दिखाई देता है, तो डेंटिस्ट या डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।
जीभ पर सफेद या पीली परत – क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार जीभ पर हल्की सफेद या पीली परत कई लोगों में दिखाई दे सकती है। जीभ की पैपिलैई के बीच भोजन के छोटे कण, बैक्टीरिया और डेड सेल्स जमा होने से भी ऐसी कोटिंग बन सकती है। डिहाइड्रेशन, मुंह से सांस लेना, धूम्रपान और ओरल हाइजिन की कमी इसके सामान्य कारणों में शामिल हैं।
लेकिन अगर सफेद परत मोटी है, बार-बार लौटती है या साफ करने के बावजूद बनी रहती है, तो इसके दूसरे कारणों की जांच जरूरी हो सकती है। उदाहरण के लिए ओरल थ्रश में जीभ या मुंह के अंदर क्रीमी व्हाइट पैच दिखाई दे सकते हैं। यह समस्या कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों और कुछ विशेष दवाएं लेने वालों में अधिक देखी जा सकती है। सफेद पैच आसानी से न हटे तो यह ल्यूकोप्लाकिया से संबंधित होता है, ज्यादातर ल्यूकोप्लाकिया कैंसर नहीं होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में आगे चलकर यह कैंसर का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
लाल और चिकनी जीभ – अगर जीभ सामान्य खुरदरी सतह के बजाय असामान्य रूप से लाल, चमकदार और चिकनी दिखाई देने लगे तथा उसमें जलन या दर्द भी हो, तो यह nutritional deficiency का संकेत हो सकता है।
एनसीबीआई के अनुसार विटामिन बी12 और फोलेट की कमी से जीभ में सूजन और लालिमा हो सकती है। इसी तरह लंबे समय तक आयरन की कमी भी जीभ को पतला, चिकना बना सकती है। ऐसे में जीभ में लालिमा और दर्द होता है। हालांकि केवल जीभ देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि शरीर में किस पोषक तत्व की कमी है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर खून की जांच के जरिए एनीमिया, आयरन का स्तर, विटामिन बी12 और अन्य संभावित कारणों का मूल्यांकन कर सकते हैं।
जीभ पर गांठ या सूजन – जीभ पर अचानक दिखाई देने वाली गांठ हमेशा गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होती। चोट, जलना, दांत से लगातार रगड़, इंफेक्शन या अन्य बिनाइन स्थितियां भी इसके पीछे हो सकती हैं।
मेडिकल न्यूजटुडे के अनुसार जीभ पर बनी ऐसी गांठ जो लगातार दो सप्ताह तक बनी रहे, बढ़ रही हो, सख्त महसूस हो या दर्द/खून आने के साथ हो, उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसमें आपको तुरंत डॉक्टर या डेंटिस्ट को दिखाना चाहिए। विशेष रूप से जीभ के किनारे या मुंह के दूसरे हिस्सों में लगातार रहने वाले असामान्य पैच या गांठ की जांच जरूरी हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर गांठ कैंसर है, लेकिन केवल देखकर इसे कैंसर या सामान्य समस्या मान लेना सही नहीं होगा।
ऐसा घाव जो ठीक न हो – मुंह में छोटा अल्सर कई कारणों से हो सकता है और सामान्य छालाअक्सर कुछ समय में ठीक हो जाते हैं। लेकिन यदि जीभ या मुंह में कोई घाव लंबे समय तक बना रहे, बार-बार उसी जगह हो या उसके साथ दर्द, खून, गांठ या निगलने में परेशानी हो, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
एनएचएस के अनुसार तीन सप्ताह से ज्यादा समय तक रहने वाला माउथ अल्सर मुंह में गांठ, लगातार रहने वाला लाल या सफेद पैच और ऐसा दर्द जो ठीक न हो, कैंसर के संभावित संकेतों में शामिल हो सकता है।
जीभ के रंग या बनावट में अचानक बदलाव – एनसीबीआई के अनुसार जीभ का रंग खान-पान, हाइड्रेशन, ओरल हाइजीन, दवाओं और कुछ स्वास्थ्य स्थितियों से प्रभावित हो सकता है। कुछ लोगों में ज्यूग्राफिक टंग के कारण जीभ पर लाल, चिकने और अलग-अलग आकार के हिस्से दिखाई दे सकते हैं। दूसरी तरफ सफेद, लाल या गहरे रंग के ऐसे पैच जो लगातार बने रहें, उनकी जांच जरूरी हो सकती है।
खास तौर पर लाल और सफेद पैच का लगातार बने रहना, सतह का मोटा या कठोर होना अथवा जीभ की सामान्य बनावट में स्थायी बदलाव चिंता का कारण हो सकता है। इसलिए जीभ का रंग एक-दो दिन के लिए बदलने पर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन बदलाव लगातार बना रहे तो इसकी वजह जानना जरूरी है।
जीभ में सफेद परत, लालिमा, चिकनापन, गांठ, घाव या अचानक रंग बदलना कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है। इनमें कुछ बिल्कुल सामान्य और अस्थायी होते हैं, जबकि कुछ को चिकित्सकीय जांच की जरूरत पड़ सकती है। Vitamin B12, folate और iron की कमी लाल या चिकनी जीभ का एक संभावित कारण हो सकती है, लेकिन हर मामले में यही वजह हो, ऐसा जरूरी नहीं।
सबसे जरूरी बात यह है कि जीभ में ऐसा बदलाव जो लगातार बना रहे, बढ़ रहा हो या दर्द, खून, गांठ अथवा निगलने में परेशानी के साथ हो, उसकी जांच करानी चाहिए। समय पर डेंटलl या मेडिकल जांच कराने से सामान्य कारणों का इलाज भी जल्दी हो सकता है और गंभीर समस्या होने पर उसकी पहचान भी समय रहते की जा सकती है।