
दिल्ली में पिछले हफ्ते आयोजित हुई BRICS बैठक में पश्चिम एशिया के हालात पर एकजुट रुख बनाने की भारत की कोशिशों को झटका लगा। BRICS देशों के बीच यूएस-इजरायल और ईरान से जुड़े संघर्ष को लेकर गहरे मतभेद सामने आए, जिससे साझा बयान पर सहमति नहीं बन सकी।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, सूत्रों के कहा कि बैठक के दौरान सदस्य देशों के बीच इस मुद्दे पर स्पष्ट विभाजन दिखा। कुछ देशों ने इजराइल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की वकालत की, जबकि अन्य देशों ने संतुलित और सावधानीपूर्ण बयान की मांग की। इन मतभेदों के चलते एक संयुक्त नीति पर सहमति बनाना मुश्किल हो गया।
भारत की पहल को झटका – भारत इस समय BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। भारत ने कोशिश की थी कि सभी सदस्य देश एक साझा बयान पर सहमत हों। हालांकि, विभिन्न देशों के अलग-अलग हितों और दृष्टिकोण के कारण यह पहल सफल नहीं हो सकी। अंततः बैठक के बाद केवल ‘चेयर स्टेटमेंट’ जारी करना पड़ा।
फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत का रुख कायम – सूत्रों ने स्पष्ट किया कि इंडिया की फिलिस्तीन मुद्दे पर नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। भारत ने हमेशा की तरह दो-राष्ट्र समाधान और क्षेत्र में शांति बहाली की बात दोहराई, जिससे उसकी पारंपरिक कूटनीतिक संतुलन की नीति बरकरार रही।
पश्चिम एशिया पर वैश्विक एकता की चुनौती – नई दिल्ली में हुई इस बैठक ने यह साफ कर दिया कि पश्चिम एशिया जैसे संवेदनशील मुद्दों पर वैश्विक मंचों पर सहमति बनाना आसान नहीं है। BRICS जैसे प्रभावशाली समूह में भी अलग-अलग रणनीतिक हित और राजनीतिक दृष्टिकोण एक साझा रुख को जटिल बना देते हैं।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website