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‘पति की मौत पर आया था बेटा, उसके बाद कभी नहीं लौटा’… मां की पीड़ा सुन अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कही ये बड़ी बात

कभी-कभी माता-पिता और बच्चों के बीच रिश्तों की ऐसी तस्वीर सामने आती है, जिसे देखकर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। ऐसा ही एक मामला हाल ही में मशहूर कथावाचक और महाराज अनिरुद्धाचार्य के सामने आया। यहां एक बुजुर्ग महिला ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उनका बेटा उन्हें छोड़कर चला गया। महिला ने कहा कि जब उनके पति की मौत हुई थी, तब बेटा आया था, लेकिन उसके बाद से वह कभी वापस नहीं आया। बुजुर्ग मां की यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। साथ ही, यह सुनने के बाद अनिरुद्धाचार्य महाराज ने एक ऐसी अहम बात कही, ज‍िसे हर क‍िसी को सुननी चाह‍िए।
अनिरुद्धाचार्य महाराज के सभागार में एक बुजुर्ग महिला ने बताया, ‘मेरा कोई नहीं है, महाराज। एक बेटा था, वो अपनी पत्नी को लेकर बंबई चला गया। मैं पिछले दस साल से यहां-वहां भटक रही हूं। मेरे पति जब गुजरे थे, तब बेटा आया था, उसके बाद से फिर कभी नहीं आया।’
बेटे ने उन्हें अपने साथ रखने से मना कर दिया – इसके बाद अनिरुद्धाचार्य महाराज ने पूछा कि बेटा आपको अपने साथ लेकर नहीं गया? इस पर बुजुर्ग महिला ने बताया कि नहीं, बेटे ने उन्हें अपने साथ रखने से मना कर दिया। उसने कहा, ‘मेरी पत्नी बीमार है, हम बच्चों को देखेंगे या फिर आपको देखेंगे?’ इतना कहते-कहते बुजुर्ग महिला रो पड़ीं।
कमाना बुरा नहीं है, लेक‍िन मां को भूलना गलत है – महाराज पूरी बात सुनने के बाद कहते हैं, ‘देखिए, इस मां का बेटा शादी के बाद पत्नी के साथ बंबई चला गया कमाने। कमाना बहुत अच्छी बात है, इसमें कोई बुराई नहीं है। लेकिन कमाई की दौड़ में वह ऐसे भागा कि जिस मां ने तुम्हारा मल-मूत्र धोया, वह पीछे रह गई। उस मां को भूल दिया, जिसने तुम्हारी सेवा की।’
जब आप लोग बूढ़े होंगे, तब आपका गुजारा कहां होगा? – बुजुर्ग महिला ने यह भी बताया कि एक बार जब वह गिर गई थीं, तो उनका एक हाथ टूट गया था और उसका इलाज उन्होंने खुद ही करवाया। फिर महाराज ने पूछा, ‘बेटे ने इलाज नहीं करवाया?” इस पर महिला ने कहा, ‘नहीं।’ बुर्जुग मह‍िला की पूरी बात सुनने के बाद अनिरुद्धाचार्य कहते हैं, ‘10 साल से बेटे ने बात नहीं की। पता नहीं, आजकल की औलादों को क्या हो गया है। लेकिन ये ध्यान रखिए, जब आप लोग बूढ़े होंगे, तब आपका गुजारा कहां होगा? इस बात को जरूर सोचिएगा।’