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703 करोड़ रुपये का इंश्योरेंस, 66 किलो सोना और 335 किलो चांदी, मुंबई के इस गणपति की शान है सबसे अलग


देश भर में इस समय गणेशोत्सव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मुंबई का जीएसबी सेवा मंडल अपने 72वें महा गणपति उत्सव के लिए पूरी तरह तैयार है। यह मंडल अपनी प्राचीन वैदिक परंपराओं, भव्य आभूषणों और अब आधुनिक ईको-फ्रेंडली पहलों के लिए जाना जाता है।
14 से 18 सितंबर तक चलने वाले इस 5 दिवसीय गणेशोत्सव से पहले मंडल ने भक्तों की सुरक्षा और अपनी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए 703.27 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड ऑल-रिस्क बीमा कवर लिया है। 12 सितंबर को ‘विराट दर्शन दिवस’ के दिन रात 8 बजे बप्पा की पहली झलक देखने को मिलेगी।
इस बार रिकॉर्ड इंश्योरेंस – मुंबई के सबसे अमीर गणपति मंडल के रूप में मशहूर जीएसबी सेवा मंडल ने इस साल अपने इंश्योरेंस कवर में भारी बढ़ोतरी की है। इससे पहले मंडल ने साल 2025 में 474 करोड़ रुपये और साल 2024 में 400 करोड़ रुपये का बीमा कराया था।
यह बीमा सुरक्षा मंडल के कीमती सोने-चांदी के आभूषणों, श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों, पुजारियों, सुरक्षाकर्मियों, रसोइयों, पंडाल और आसपास के परिसर को किसी भी दुर्घटना या अप्रिय घटना से कवर करता है।
66 किलो सोने से श्रृंगार – जीएसबी सेवा मंडल के संयोजक डॉ. भुजंग पाई के अनुसार, नवसाला पावणारा विश्वचा राजा (भक्तों की मन्नतें पूरी करने वाले राजा) के नाम से प्रसिद्ध बप्पा की मूर्ति का भव्य श्रृंगार किया जाता है।
मूर्ति को 66 किलोग्राम से अधिक सोने के गहनों और 335 किलोग्राम से अधिक चांदी व बहुमूल्य रत्नों से सजाया जाता है। यह सभी आभूषण भक्तों और सेवादारों द्वारा श्रद्धापूर्वक दान किए गए हैं।
पर्यावरण-अनुकूल पहल – परंपरा के साथ आधुनिक बदलावों को अपनाते हुए इस वर्ष मंडल ने पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया है। कागज की खपत घटाने के लिए पारंपरिक प्रिंटेड रसीदों की जगह पूरी तरह डिजिटल सिस्टम लागू कर दिया गया है। वहीं महा गणपति की मूर्ति पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी से तैयार की जाती है।
वैदिक परंपराएं और अन्नदान सेवा – मंडल में उत्सव के दौरान रोज औसतन 1 लाख से अधिक पूजा और सेवा (जैसे महापूजा, अर्चना, गणाहोम और तुलाभार) वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न की जाती हैं। मंडल की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक ‘अन्नदान’ है, जिसके तहत रोजाना 40,000 से अधिक श्रद्धालुओं को केले के पत्तों पर महाप्रसाद भोजन कराया जाता है। 5 दिनों में 2 लाख से ज्यादा लोग इसका लाभ उठाएंगे।