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नेतन्याहू के सत्ता में रहते ‘नॉर्मलाइजेशन’ मुमकिन नहीं, सऊदी अरब का अमेरिका को बड़ा झटका


सऊदी अरब ने इजरायल को सूचित किया है कि बेंजामिन नेतन्याहू के सरकार में रहते वह राजनयिक रिश्ते स्थापित नहीं करेगा। इसे इजरायल और अमेरिका दोनों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अमेरिका लंबे समय से इजरायल और सऊदी अरब में सामान्य संबंध स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। इसके तहत अमेरिकी प्रशासन ने सऊदी अरब को नाटो जैसे रक्षा सहयोगी बनने का ऑफर भी दिया था, लेकिन गाजा युद्ध और उसके बाद मध्य पूर्व में बिगड़े हालात ने इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
नेतन्याहू से बेहद नाराज है सऊदी अरब – इजरायल के KAN न्यूज ने सऊदी अरब के एक राजनयिक सूत्र के हवाले से बताया कि जब तक प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सत्ता में हैं, दोनों देशों के बीच सामान्यीकरण या नॉर्मलाइजेशन नहीं हो सकता है। सूत्र ने कहा, “सऊदी अरब शांति और बातचीत चाहता है। वह इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे को द्वि-राष्ट्र समाधान के जरिए सुलझाना चाहता है, लेकिन नेतन्याहू यह नहीं चाहते हैं।”
1 इजरायल अमेरिका के बनाए अब्राहम समझौते के तहत मुस्लिम देशों के साथ राजनयिक संबंध स्थापित कर रहा है। इसकी शुरुआत 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में हुई थी।
2 इस समझौते नाम पैगंबर इब्राहिम (अब्राहम) के नाम पर रखा गया है, जिन्हें यहूदी, ईसाई और इस्लाम, तीनों धर्मों में एक पवित्र व्यक्तित्व माना जाता है।
3 अब्राहम समझौते के तहत वर्ष 2020 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन और मोरक्को ने इजरायल के साथ संबंध सामान्य किए थे।
4 वर्ष 2021 में सूडान भी अब्राहम समझौते में शामिल हुआ। नवंबर 2025 में कजाखिस्तान के भी इस समझौते में शामिल होने की घोषणा की थी।
नेतन्याहू सरकार के साथ बात नहीं करेगा इजरायल – उसने कहा कि यह मामला किसी व्यक्ति से संबंधित नहीं है, बल्कि उनके नेतृत्व वाले सरकार की नीतियों से है। उसने यह भी कहा कि सऊदी अरब को इजरायल के प्रधानमंत्री की पहचान में कोई दिलचस्पी नहीं है। उसने कहा, हमारे हिसाब से नेतन्याहू सिर्फ दिक्कतें खड़ी कर रहे हैं। वह शांति नहीं चाहते हैं। वह सिर्फ मामले को बढ़ाना चाहते हैं। उसने कहा कि जब तक नेतन्याहू सत्ता में हैं, तब तक सऊदी अरब के लिए नॉर्मलाइजेशन एजेंडा में शामिल नहीं करेगा।