Sunday , November 8 2026 4:11 AM
Home / News / India / दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- प्रदूषण के खिलाफ ‘जन आंदोलन’ की जरूरत

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- प्रदूषण के खिलाफ ‘जन आंदोलन’ की जरूरत


सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा, दिवाली और दूसरे त्योहारों पर प्रदूषण रोकने के लिए सिर्फ कोर्ट के आदेश और पुलिस की तैनाती पर्याप्त नहीं है। इसे जन आंदोलन बनाना होगा। अदालत जितने ज्यादा आदेश पारित करती है, कई बार उनके उल्लंघन की आशंका भी उतनी ही बढ़ जाती है। दिल्ली-NCR में AQI 400 के करीब पहुंच चुका है। गाड़ियों का धुआं बड़ी वजह है। सड़कों पर बंपर ट्रैफिक हालात खराब कर रहा है।
गरीब लोगों को भुगतना पड़ता है खमियाजा – कोर्ट ने कहा, प्रदूषण का असली खमियाजा गरीब लोगों को भुगतना पड़ता है, क्योंकि वे सड़कों पर रहते हैं। त्योहार ही उनके लिए रोजी-रोटी कमाने का मौका होता है। तत्काल, शॉर्ट और लॉन्ग टर्म उपायों की जरूरत है। दिल्ली सरकार और एजेंसियां नगर निगम पार्षदों को अभियान से जोड़ें और अपील कराएं कि लोग प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे न चलाएं। वहीं, दिल्ली-NCR में GRAP-3 की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। 5वीं तक के स्कूल हाईब्रिड मोड पर चलेंगे। बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 या इससे पुरानी डीजल गाड़ियों पर रोक रहेगी।
GRAP-3 में और क्या पाबंदियां रहेंगी? केंद्र सरकार के कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम पर केंद्र सरकार फैसला लेगी।
पूरे एनसीआर में स्टोन क्रशर बंद रहेंगे।
NCR में खनन और उससे जुड़ी गतिविधियां बंद रहेंगी।
दिल्ली में रजिस्टर्ड बीएस-4 और इससे पुरानी डीजल मालवाहक गाड़ियों पर भी सख्त पाबंदी।
पूरे एनसीआर में खुदाई, मिट्टी भरने, बोरिंग और ड्रिलिंग पर रोक।
दिवाली पर आखिरी मेट्रो रात 10 बजे तक – दिवाली पर मेट्रो के समय में बदलाव किया गया है। 8 नवंबर को सभी मेट्रो लाइनों पर आखिरी ट्रेन रात 11 के बजाय रात 10 बजे तक ही मिलेगी। इसमें एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन भी शामिल है।