
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के हेडक्वार्टर पेंटागन ने भारत द्वारा एंटी सैटेलाइट मिसाइल परीक्षण को लेकर नासा के बयान को नकार दिया है। पेंटागन ने वीरवार को कहा कि उसके आकलन के मुताबिक भारत के एंटी सैटेलाइट वेपन (एसैट) का मलबा वातावरण में जल गया है, इससे किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।
पेंटागन का यह बयान तब आया है जब पिछले दिनों अमेरिकी अंतरिक्ष संस्था नासा ने एंटी-सैटेलाइट मिसाइल के मलबे को खतरान बताया था। नासा के मुखिया जिम ब्राइडेनस्टाइन ने कहा था कि भारतीय सैटेलाइट के नष्ट होने से 400 टुकड़े हुए। इसके चलते इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) और उसमें रह रहे एस्ट्रोनॉट्स को खतरा पैदा हो गया है।
बता दें कि 2007 में चीन ने ध्रुवीय कक्षा में एक सैटलाइट को नष्ट किया था जिससे अंतरिक्ष में सबसे ज्यादा मलबा पैदा हुआ था। 3,000 से भी ज्यादा टुकड़े फैले थे। चूंकि, चीन ने 800 किलोमीटर की ऊंचाई पर सैटलाइट को गिराया था, इस वजह से ज्यादातर टुकड़े आज भी अंतरिक्ष में मौजूद हैं। अमेरिका के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ने पिछले हफ्ते कहा था कि उन्हें लगता है कि भारत ने निचली कक्षा में परीक्षण के जरिए 2007 में चीन के परीक्षण जैसी स्थिति को टाल दिया है।
गौरतलब है कि भारत ने 27 मार्च को उपग्रह भेदी मिसाइल से पृथ्वी की निचली कक्षा में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया था। इसके साथ ही भारत ऐसी क्षमता हासिल करने वाले दुनिया के देशों रूस, चीन, अमेरिका की कतार में शामिल हो गया था। अंतरिक्ष में भारत के बढ़ते कदम पर नासा प्रमुख की टिप्पणी का भारतीय वैज्ञानिकों ने भी विरोध किया था।
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