
बिना हाथ पैरों की जिंदगी जीने की हम कल्पना भी नहीं कर सकते। शरीर में थोड़ी सी कमी आ जाने पर हम खुद को असहाय महसूस करते हैं। लेकिन शारीरिक अक्षमता किसी के हौसलों को नहीं तोड़ सकती यह साबित कर दिखाया है 37 साल की एमी ब्रूक्स ने जो आज हजारों लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है।
अपने जीवन की कमजोरी को अपनी ताकत बनाते वाली एमी अमेरिका की रहने वाली है। पैदा होते ही वह लावारिस हो गई थी क्योंकि उनके मां बाप हाथ पैर न होने के उसे अस्पताल में ही छोड़कर चले गए थे। जिसके बाद पिट्सबर्ग के ब्रूक्स परिवार ने उन्हें गोद ले लिया। तमाम तरफ की परेशानियों के बावजूद एमी ने बड़े ही दिलचस्प तरफ से अपना जीवन जिया।
एमी अब मोटिवेशनल स्पीकर बनकर लोगों को प्रेरित कर रही हैं। वह यूट्यूब चैनल ‘हाऊ डज शी डू इट’ भी चलाती हैं। एमी ने अपना दर्द सांझा करते हुए बताया कि जन्म के बाद मेरे घर वालों ने अस्पताल के स्टाफ से कहा था कि मुझे एक कमरे में बंद कर दें और खाना-पीना भी न दें। उन्होंने कहा कि मुझे गोद लेने वाले परिवार को हमेशा लगता था कि मैं खुद पर निर्भर रहने वाली लड़की बनूंगी। उन्होंने कभी ये अहसास नहीं होने दिया कि मैं किसी से कम हूं। हमेशा मुझे प्रोत्साहित किया। एमी ने बताया कि वह अपने मुंह, ठोढ़ी और कंधे की मदद से तस्वीरें खींचती हैं और खुद के वीडियो बनाती हैं।
Home / Off- Beat / दुनिया के लिए मिसाल बनी बिना हाथ पैरों वाली महिला, पैदा हाते ही छोड़ गए थे मां-बाप
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