
सुप्रीम कोर्ट द्वारा क्रिकेट का संचालन देखने के लिए बनाई गई प्रशासकों की समिति (सीओए) ने भारतीय कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री को विदेशी दौरों पर पत्नियों को साथ रखने के फैसले का हक दे दिया है जिस पर बीसीसीआई हैरान है। बीसीसीआई के एक प्रवक्ता तो इस फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा है कि यह एक तरह के हितों के टकराव का मामला है।
अकेला बीसीसीआई ही नहीं बल्कि बोर्ड के संविधान की रूपरेखा तय करने वाली समिति के अध्यक्ष आरएम लोढ़ा भी इससे हैरान हैं। उधर, बीसीसीआई के एक अधिकारी का कहना है कि सीओए के हालिया कुछ फैसले तो ऐसे हैं जिनसे लग रहा है कि वह खुद को सुप्रीम कोर्ट से भी ऊपर समझ रहा है। अधिकारी ने कहा- जब आप कोई ऐसा निर्णय करने की स्थिति में होते हैं जिसमें आप खुद भी लाभार्थी हैं तो यह भी हितों के टकराव का ही मामला है।
बता दें कि क्रिकेट विश्व कप शुरू होने से पहले यह फैसला हुआ था कि खिलाड़ी कुछ दिनों के लिए अपनी पत्नियों को साथ रख पाएंगे। ऐसे फैसलों का सबसे पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने विरोध किया था। अब विराट कोहली को इस मामले में फैसले लेने के मिले हक से यह मुद्दा अब बहस का विषय बन गया है।
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