
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को जमीन से जुड़े भ्रष्टाचार के 34 साल पुराने एक मामले में समन भेजा गया है। उन्हें कोर्ट के सामने पेश होने को कहा गया है।
पाकिस्तान की भ्रष्टाचार-निरोधी यूनिट ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को 34 साल पुराने केस में समन भेजा है। अगले हफ्ते नवाज की लंदन में हार्ट सर्जरी होनी है। उन्हें 31 मार्च को जमीन से जुड़े एक मामले में कोर्ट के सामने ताकत के गलत इस्तेमाल के केस में पेश होना है। यह मामला 1986 का है जब शरीफ पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री थे।
बयान दर्ज कराने को कहा
शरीफ अपने इलाज के लिए पिछले साल नवंबर से लंदन में हैं। उन्हें कोर्ट से इजाजत मिली हुई है लेकिन पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ सरकार ने उन्हें और रुकने की इजाजत नहीं दी है और भगोड़ा घोषित कर रखा है। लाहौर के नैशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो ने पीएमएल-एन के सुप्रीम लीडर को जंग ग्रुप के एडिटर-इ-चीफ मीर शकीलुर रहमान से जुड़े जमीन के एक मामले में समन जारी किया है और मंगलवार को अपना बयान दर्ज कराने के लिए आने को कहा है।
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रहमान हो चुके हैं गिरफ्तार
शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन का कहना है कि वह ठीक नहीं हैं और अगले हफ्ते उनकी हार्ट सर्जरी होनी है। पीएमल-एन अध्यक्ष और शरीफ के छोटे भाई शाहबाज शरीफ ने NAB के केस कोस ‘छोटा’ बताया और पीएम इमरान से शकीलुर रहमान को बेल दिलाने की अपील की। NAB ने रहमान को 12 मार्च को गिरफ्तार कर लिया था। रहमान के ऊपर आरोप है कि उन्होंने जमीन अवैध तरीके से हासिल की थी जब नवाज सीएम थे। वह 7 अप्रैल तक के लिए रिमांड पर हैं।
राजनीतिक रिश्वत का आरोप
रहमान ने कहा कि संपत्ति एक प्राइवेट पार्टी से खरीदी गई थी और इसके सबूत NAB को दे दिए गए हैं। इसमें ड्यूटी और टैक्स भी शामिल है। उन्होंने केस में कुछ भी अवैध करने के आरोप से इनकार किया। NAB ने आरोप लगाया है कि रहमान को लाहौर डिवेलपमेंट अथॉरिटी की लैंड एक्जेंप्शन पॉलिसी के तहत 4 एकड़ जमीन मिलनी थी लेकिन उन्होंने 13 एकड़ से ज्यादा जमीन पर कब्जा किया हुआ था। एनएबी का कहना है कि यह राजनीतिक रिश्वत की तरह है।
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