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चीन के खिलाफ हमारे डिप्लोमेटिक प्रयास सफल, भारत समेत कई देशों ने उठाए सख्त कदम: पोम्पियो


चीन के खिलाफ दुनियाभर में गोलबंदी कर रहे अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपनी सफलताओं को सीनेट की फॉरेन रिलेशन कमेटी के सामने रखा। वित्तीय वर्ष 2021 के लिए बजट प्रस्ताव को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि हमारी शानदार डिप्लोमेसी के कारण ही चीन दुनियाभर में बुरी तरह घिरा है। उन्होंने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को बड़ा खतरा बताया।
भारत के चीनी ऐप बैन का किया उल्लेख
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत ने अपने नागरिकों की गोपनीयता और सुरक्षा को खतरा पैदा करने वाल 107 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया है। हम अपनी शानदार कूटनीति से चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के खतरे को लेकर दुनिया भर में जागरुकता फैला रहे हैं।
क्वाड ग्रुप को किया मजबूत
पोम्पियो ने कहा कि हमने चीन के खिलाफ क्वाड ग्रुप को मजबूत किया है। इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत, और जापान शामिल हैं। हमने इस पर काफी मेहनत की है। हमारे राजनयिकों ने अद्भुत काम किया है। हम जो प्रगति कर रहे हैं, उस पर मुझे बहुत गर्व है।
हुवावे पर चीन को घेरा
पोम्पियो ने हुवावे को लेकर कहा कि दुनिया के तीस से अधिक देशों ने चीनी कंपनी हुवावे से किनारा किया है। वे अपने 5जी नेटवर्क को लेकर अनड्रस्टेड वेंडर्स पर प्रतिबंध लगा रहे हैं। जब हमने कुछ साल पहले चीनी कंपनी के खिलाफ मुहिम शुरू की थी तब इन देशों की संख्या सिंगल डिजिट में थी। उन्होंने कहा कि हमारा पड़ोसी कनाडा चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का बंधक बनने के खिलाफ खड़ा हुआ। उसने चीन के तीन प्रमुख दूरसंचार कंपनियों को प्रतिबंधित किया है।

दुनिया के कई देशों में चीन के खिलाफ लहर
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि बेलिज और हैती जैसे देशों ने भी चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की निंदा की है। डेनमार्क ने अपने यहां के समाचार पत्रों में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सेंसरशिप को नकार दिया है। स्वीडन ने अपने कन्फ्यूशियस संस्थानों को बंद कर दिया है। लिथुआनियाई खुफिया सेवाओं ने चीन को एक राजनीतिक संभावित खतरे के रूप में पहचाना है।

इंडो-पैसिफिक में चीन के खिलाफ भारत समेत कई देश
पोम्पियो ने कहा कि इंडो-पैसिफिक में ऑस्ट्रेलिया ने चीन के दक्षिण चीन सागर के दावों को गैरकानूनी और नाजायज घोषित किया है। हमें गर्व है कि हमारे दोस्त ऑस्ट्रेलिया, जापान और यूनाइटेड किंगडम ने समुद्र में नौसैनिक अभ्यास किया। भारत ने अपने नागरिकों की गोपनीयता और सुरक्षा को खतरा पैदा करने वाल 107 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया है।

पेकिंग यूनिवर्सिटी के थिंक टैंक साउथ चाइना सी स्ट्रैटीजिक सिचुएशन प्रोबिंग इनिशिएटिव के मुताबिक P-8A ऐंटी सबमरीन प्लेन और EP-3E प्लेन रेकी करने के लिए ताइवान स्ट्रेट में दाखिल हुआ और झेझियान्ग और फुजियान के तट पर उड़ान भरी। इस बारे में पहले रविवार सुबह को ट्वीट किया गया और फिर बताया कि रेकी करने वाले प्लेन फुजियान और ताइवान स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से तक पहुंचकर वापस जा रहा है।
​शंघाई के सबसे नजदीक
इसके बाद जानकारी दी गई कि अमेरिकी नेवी का P-8A शंघाई के पास ऑपरेट कर रहा है और गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS Rafael Peralta भी वैसे ही रास्ते पर है। थिंक टैंक के चार्ट के मुताबिक P-8A शंघाई के 76.5 किमी नजदीक आ गया था जो हाल के सालों में बेहद करीबी घटना है। दूसरा जहाज फुजियान के 106 किमी पर था।
​​12 दिन से जारी है हलचल
लगातार 12 दिन से अमेरिकी सेना के प्लेन चीन के पास उड़ान भर रहे हैं। सोमवार को इंस्टिट्यूट ने ट्वीट किया था कि ऐसा लगता है कि अमेरिकी वायुसेना का RC-135 रेकी करने वाल प्लेन ताइवान के एयरस्पेस में दाखिल हुआ है। हालांकि, इंस्टिट्यूट ने इसकी पुष्टि नहीं की और ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इन दावों पर कोई जवाब नहीं दिया है। इसके बाद इंस्टिट्यूट ने फिर ट्वीट किया कि EP-3E गुआन्गडॉन्ग के 100 किमी नजदीक रेकी कर रहा है।
आसियान देश भी चीन के खिलाफ
उन्होंने कहा कि समुद्र में चीन के खिलाफ आसियान देश भी खड़े हुए हैं। सभी 10 आसियान देशों ने जोर देकर कहा है कि दक्षिण चीन सागर विवादों को अंतर्राष्ट्रीय कानून के आधार पर सुलझाया जाना चाहिए।
हॉन्ग कॉन्ग में नए कानून का वैश्विक विरोध
जापान ने जी 7 की बैठक मे हांगकांग में लागू किए गए चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के निंदा प्रस्ताव का नेतृत्व किया। यूरोपीय संघ ने भी कानून की निंदा की और चीन को सिस्टमेटिक प्रतिद्वंदी घोषित किया है। हम यूरोपीय संघ के अनुरोध पर केवल चीन पर केंद्रित एक संवाद चैनल शुरू करने के लिए सहमत हुए हैं।