
पाकिस्तानी फौज के शीर्ष नेतृत्व ने बुधवार को कहा कि पिछले हफ्ते श्रीलंकाई नागरिक की भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या किए जाने जैसी घटनाओं को ‘कतई बर्दाश्त’ नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने देश से आतंकवाद और कट्टरपंथ के रूपों को खत्म करने की जरूरत को रेखांकित किया। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कट्टरपंथी इस्लामिस्ट पार्टी के समर्थकों ने एक कपड़ा फैक्टरी के अधिकारी श्रीलंकाई नागरिक प्रियंता कुमारा दियावदाना (49) की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी और उनके शव को जला दिया था।
पार्टी के समर्थकों ने ही फैक्टरी पर हमला किया था। इस घटना की श्रीलंका और पाकिस्तानी नेताओं ने व्यापक निंदा की थी। पाकिस्तान के अधिकारियों ने घटना के संबंध में 800 से ज्यादा लोगों पर आतंकवाद रोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया है और 118 लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें 13 मुख्य आरोपी शामिल हैं। सेना ने एक बयान में कहा, ‘सियालकोट में जघन्य हत्या की घटना को ध्यान में रखते हुए, मंच स्पष्ट रूप से ऐसे तत्वों को कतई बर्दाश्त नहीं करने का वादा करता है ताकि देश से चरमपंथ और आतंकवाद का खात्मा किया जा सके।’
बुधवार को सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने रावलपिंडी में जनरल मुख्यालय में आयोजित 245वें कोर कमांडर सम्मेलन की अध्यक्षता की। पाकिस्तानी सेना की मीडिया इकाई अंतर सेवा प्रेस संबंध ने एक बयान में कहा, ‘प्रतिभागियों ने वैश्विक, क्षेत्रीय और घरेलू सुरक्षा हालत की समीक्षा की।’ अफगानिस्तान में बढ़ते मानवीय संकट का जिक्र करते हुए जनरल बाजवा ने कहा कि लगातार मदद और वक्त पर अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता न सिर्फ अफगानिस्तान की शांति और समृद्धि के लिए बल्कि क्षेत्र की स्थिरता के लिए भी जरूरी है।
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