
कुछ दिनों पहले अमेरिका की इंटेलीजेंस से जुड़े कुछ डॉक्यूमेंट्स लीक हो गए थे। इन्हीं लीक इंटेलीजेंस डॉक्यूमेंट्स में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनकी जूनियर हिना रब्बानी खार की एक बातचीत सामने आई है। इस बातचीत में साफ पता लग रहा है कि हिना रब्बानी खार और पीएम के बीच विदेश नीति को लेकर काफी मतभेद हैं। साथ ही इससे यह जानकारी भी मिलती है कि पीएम शहबाज और उनके मंत्रियों के बीच अमेरिका और चीन में से किसे चुना जाए, यह सवाल काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
पश्चिमी खुश करना छोड़ें – पाकिस्तान के अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ‘पाकिस्तान के कठिन विकल्प’ टाइटल वाले आंतरिक मेमो के कुछ हिस्से अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट की तरफ से रिलीज किए गए थे। इस पर अगर यकीन किया जाए जो हिना रब्बानी ने पीएम को चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान को पश्चिम को ‘खुश करने’ वाले अहसास से बचना होगा। हिना ने पीएम को चेताया कि देश अब क्षेत्रीय पड़ोसी चीन और अमेरिका के बीच एक जमीन बनाए रखने का प्रयास नहीं कर सकता है। एक मेमो में खार का तर्क था कि पाकिस्तान को अमेरिका के साथ साझेदारी को संरक्षित करने के प्रयास में चीन के साथ असल रणनीतिक रिश्ते की बलि चढ़ जाएगी।
यूक्रेन के समर्थन पर रूस का डर – हिना खार पाकिस्तान की विदेश मंत्री भी रह चुकी हैं। मेमो के मुताबिक उन्होंने पीएम शरीफ को आगाह किया है कि पाकिस्तान अगर पश्चिम को खुश करने के लिए अमेरिका के साथ साझेदारी बरकरार रखता है तो काफी नुकसान हो सकता है। इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि अमेरिका को खार के मेमो कैसे हासिल हुए। एक और डॉक्यूमेंट में सामने आया कि पाकिस्तान, यूक्रेन युद्ध को कैसे देखता है।
17 फरवरी से जुड़े इस दस्तावेज के मुताबिक यूक्रेन संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में हुई वोटिंग पर पीएम शरीफ एक अनाम जूनियर के साथ चर्चा कर रहे हैं। डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक एक सहयोगी ने शरीफ को सलाह दी थी कि यूक्रेन का समर्थन पाकिस्तान की स्थिति में बदलाव का संकेत देगा। इस समर्थन की वजह से रूस के साथ व्यापार और एनर्जी डील खतरे में आ सकती है।
Home / News / पाकिस्तान के पीएम शहबाज और हिना रब्बानी की बातचीत लीक, अमेरिका के लिए चीन का साथ नहीं छोड़ने की चेतावनी
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