
अमेरिका में फ्रांसीसी सीमेंट कंपनी लाफार्ज ने आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट को 1.7 करोड़ डॉलर देने का आरोप स्वीकार लिया है। अदालत ने कहा कि लाफार्ज अमेरिका में प्रतिबंधित आतंकवादी समूह को धन देने के लिए दोषी है। कंपनी ने इस्लामिक स्टेट को यह धनराशि इसलिए दी ताकि सीरिया में एक संयंत्र चालू रह सके। अमेरिकी न्याय विभाग ने इसे अपनी तरह का पहला मामला बताया है। ब्रुकलिन की फेडरल कोर्ट ने मंगलवार को पहली बार एएक कंपनी को प्रतिबंधित विदेशी आतंकवादी संगठन को भौतिक सहायता प्रदान करने के आरोप में दोषी ठहराया है। लाफार्ज ने अपनी दोषी याचिका में 687 मिलियन डॉलर को जब्त करने और 90 मिलियन डॉलर का जुर्माना भरने पर सहमति जताई है।
लाफार्ज ने इस्लामिक स्टेट और अल-नुसरा फ्रंट को दिए पैसे : अमेरिकी सरकार ने कहा कि लाफार्ज ने इस्लामिक स्टेट और अल-नुसरा फ्रंट को बिचौलियों के जरिए करीब 5.92 मिलियन डॉलर के बराबर भुगतान किया। अभियोजकों ने बताया कि लाफार्ज ने इस्लामिक स्टेट के हमले बढ़ने पर सितंबर 2014 में सीरिया में अपने सीमेंट प्लांट को खाली कर दिया था। उस समय, इस्लामिक स्टेट ने इस सीमेंट प्लांट पर कब्जा कर लिया और इसे 3.21 मिलियन डॉलर के बराबर बेच दिया। लाफार्ज 2011 में सीरिया में संघर्ष शुरू होने के बावजूद अपने कारखाने को चालू रखने के लिए पेरिस में मानवता के खिलाफ अपराधों में मिलीभगत के आरोपों का सामना कर रहा है।
इस फ्रांसीसी सीमेंट निर्माता कंपनी ने पहले आंतरिक जांच के बाद स्वीकार किया था कि उसकी सीरियाई सहायक कंपनी ने प्लांट में कर्मचारियों की सुरक्षा में मदद करने के लिए कई सशस्त्र समूहों को भुगतान किया था। लेकिन कंपनी ने इन आरोपों से इनकार किया था कि यह मानवता के खिलाफ अपराधों में शामिल था। लाफार्ज के अध्यक्ष मगाली एंडरसन ने अदालत में कहा कि अगस्त 2013 से नवंबर 2014 तक कंपनी के पूर्व अधिकारियों ने जानबूझकर और अपनी इच्छा से सीरिया में विभिन्न सशस्त्र समूहों के लाभ के लिए भुगतान करने और साजिश में शामिल होने के लिए सहमत हुए थे। उन्हहोंने बताया कि इस आचरण के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को 2017 से कंपनी से अलग कर दिया गया है।
अमेरिका की डिप्टी अटॉर्नी जनरल लिसा ओ मोनाको ने कहा आतंकवाद के अपराध जिनके लिए लाफार्ज और उसकी सहायक कंपनी को दोषी ठहराया है, वे इस बात की याद दिलाते हैं कि कॉर्पोरेट अपराध राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ कैसे जुड़ सकते हैं। उन्होंने इस्लामिक स्टेट के साथ मुनाफे को बढ़ाने और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए दोस्ती की, जो दुनिया के अब तक के सबसे क्रूर आतंकवादी संगठनों में से एक है। वो भी तब जब आईएसआईएस सीरियाई गृहयुद्ध के दौरान हिंसा के कुख्यात अभियान में शामिल था।
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