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रोज सिर्फ 10 मिनट करे सूर्यनमस्कार, सूर्य नमस्कार करने से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं

सूर्य नमस्कार प्रचलित योगासनों में से एक है। सारी दुनिया में सबसे ज्यादा योग अभ्यासों में की जाने वाली मुद्राओं में से एक भी है। सूर्यनमस्कार 12 अलग-अलग मुद्राओं का संयोजन होता है। इन मुद्राओं को एक प्रणालीगत तरीके से किया जाता है। सूर्य नमस्कार करने से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। आयुर्वेद के मुताबिक, यह शरीर के कई रोगों को जड़ से खत्म कर देता है। सूर्य नमस्कार का शाब्दिक अर्थ सूर्य को नमस्कार अर्पित करना है। तो चलिए आपको बताते हैं कि सूर्य नमस्कार करने से आपको कौन-कौन से स्वास्थ्य लाभ मिलेंगे।
सूर्य नमस्कार के आसन : सूर्य नमस्कार जिन 12 मुद्राओं को मिलकर बना है वो प्रणाम आसन, हस्तउत्तानासन, हस्तपाद आसन, अश्व संचालन, दंडासन, अष्टांग नमस्कार, भुजंगासन, पर्वतासन, अश्व संचालनासन, हस्तउत्थान आसन और ताड़ासन जैसे आसन शामिल हैं।
सूर्य नमस्कार के फायदे : सूर्य नमस्कार करने से पीठ और मस्लस मजबूत होती हैं। हालांकि सूर्य नमस्कार के परिणाम दिखाई देने में थोड़ा समय लगता है लेकिन इससे कई तरह के स्वास्थ्य लाभ होते हैं। सूर्य नमस्कार से आपकी त्वचा डिटॉक्सीफाई होती है। नियमित तौर पर सूर्य नमस्कार करने से मानसिक स्वास्थ्य भी बहुत ही अच्छा रहता है।
ब्लड शुगर लेवल करे कम : सूर्य नमस्कार नियमित तौर पर करने से आपका ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है। यह आसन आपके शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करता है। इसके अलावा यह कई हृदय संबंधी समस्याओं को भी दूर रखने में सहायता करता है।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद : सूर्य नमस्कार नियमित तौर पर करने से मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है। यह आपकी स्मरण शक्ति और नर्वस सिस्टम को सही करने में मदद करता है। सूर्य नमस्कार एंडोक्राइन ग्लैंड्स की गतिविधि को सामान्य करता है, यह थायराइड के रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। इसके अलावा यह शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत ही लाभदायक होता है।
पाचन करें दुरुस्त : सूर्य नमस्कार आपके डाइजेस्टिव सिस्टम को भी अच्छे से चलाने में मदद करता है। यह आपके पाचन तंत्र में रक्त के बहाव को बढ़ाता है, जिससे आपकी आंतों की कार्यप्रणाली अच्छी होती है। आसन की मुद्रा विशेष रुप से पेट को अंदर से बढ़ाने में सहायता करती है। जिससे आपका पेट एकदम स्वस्थ रहता है।
शरीर को करे डिटॉक्स : इस आसन को करने से आपके सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया बेहतर होती है। इसी के साथ फेफड़े भी अच्छे से हवादार हो जाते हैं। रक्त को पर्याप्त मात्रा में ताजी ऑक्सीजन मिलती है। सूर्य नमस्कार कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य जहरीली गैसें से राहत दिलवाकर शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करता है।
नियमित करे पीरियड्स : सूर्यासन नियमित तौर पर करने से पीरियड्स भी नियनम तौर पर बने रहते हैं। पेट की मांसपेशियों को मजबूत करके यह आपके दर्दनाक अनुभव को कम करने में मदद करता है।

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