
इमरान खान ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से पाकिस्तानी सेना की मीडिया इकाई की “स्पष्ट भूमिका” परिभाषित करने और इस बात की जांच का आदेश देने का आग्रह किया है कि इसका प्रमुख सार्वजनिक रूप से उनकी निंदा करने और ‘‘झूठा विमर्श’’ गढ़ने के लिए आईएसआई प्रमुख के साथ “अत्यधिक राजनीतिक संवाददाता सम्मेलन” कैसे कर सकता है। रविवार को राष्ट्रपति को लिखे और मीडिया द्वारा सोमवार को प्रकाशित किए गए पत्र में, खान ने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की सरकार हटने के बाद से, देश को ‘‘झूठे आरोपों, उत्पीड़न, गिरफ्तारी और हिरासत में प्रताड़ना के बढ़ते मामलों’’ का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने अल्वी को लिखे पत्र में यह भी कहा है कि वह सरकार में ‘‘दुष्ट तत्वों’’ के हाथों सत्ता के ‘‘दुरुपयोग’’ को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करें। एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार के अनुसार, 70 वर्षीय खान ने आरोप लगाया है कि गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह उन्हें “बार-बार जान से मारने की धमकी” देते रहे हैं और उन्हें सूचना मिली थी कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह तथा एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी द्वारा उनकी हत्या कराने की साजिश रची जा रही है।
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