
मालदीव का राष्ट्रपति बनने के बाद से ही चीन की गोद में झूल रहे मोहम्मद मुइज्जू की अक्ल 10 महीने बाद भारत के पाले में खड़े दिखाई दिए। इंडिया आउट अभियान चलाकर सत्ता में आने वाले मुइज्जू ने अब खुद ही इससे दूरी बना ली है। मुइज्जू ने कहा कि वह ऐसी किसी चीज को अनुमति नहीं देंगे, जो मालदीव की सरकार की विदेश नीति के खिलाफ हो। उन्होंने एक सवाल के जवाब में ये बात कही, जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्या उनकी सरकार प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव और पीपल्स नेशनल कांग्रेस गठबंधन के विपक्ष में रहते शुरू किए गए इंडिया आउट अभियान को आगे भी अनुमति देगी?
सभी के साथ काम करने की नीति – मालदीव के मीडिया आउटलेट अधाधू के साथ रविवार 11 अगस्त को एक विशेष साक्षात्कार में राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा कि लोगों ने उन्हें वोट दिया क्योंकि वे उनकी विदेश नीति में भरोसा करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि देश को शांति, विकास और सुरक्षा की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार की विदेश नीति सभी देशों के साथ मिलकर काम करने की है और यहां अस्थिरता के लिए कोई जगह नहीं है।
यामीन ने की है अभियान चलाने की घोषणा – जब मुइज्जू से पूछा गया कि क्यों वे इंडिया आउट प्रस्ताव को निरस्त करेंगे, तो राष्ट्रपति ने सीधे तौर पर कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘मैंने अभी अपनी नीति, मालदीव सरकार की नीति बताई है। मैंने नीति को स्पष्ट कर दिया है।’ इस बीच इंडिया आउट आंदोलन के नेताओं में से एक पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने घोषणा की है कि अभियान जारी रहेगा, क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं है कि भारतीय सैन्यकर्मी पूरी तरह से मालदीव से चले गए हैं।
विपक्ष ने की मुइज्जू से माफी की मांग – यामीन ने कहा है कि भारतीय सैन्य उपस्थिति का मुद्दा हल नहीं हुआ है और वे इंडिया आउट अभियान जारी रखेंगे। उन्होंने सत्ता में आने के बाद इंडिया आउट प्रस्ताव रद्द नहीं करने के लिए मुइज्जू सरकार पर हमला भी बोला। मुइज्जू की विपक्षी एमडीपी के अध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने कहा कि इंडिया आउट अभियान लोगों को धोखा देने के लिए बनाया गया है। उन्होंने अभियान चलाने के लिए मुइज्जू सरकार से माफी की मांग की।
Home / News / भारत के साथ आए मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू, ‘इंडिया आउट’ पर दिया बड़ा बयान, बोले- देश में अस्थिरता के लिए…
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