
यूक्रेन के दौरे पर पहुंचे भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने गुरुवार को कीव में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर से मुलाकात की। इस दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने और भारत-यूक्रेन के बीच संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। मुलाकात के बाद जब जयशंकर से रूस से तेल खरीदने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने भारत के फैसले का बचाव किया। जयशंकर ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदे या न खरीदे, इससे रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संकट का समाधान नहीं होगा।
रूस तेल खरीद पर जयशंकर का जवाब – यूक्रेन की चिंताओं को लेकर मीडिया के सवाल के जवाब में भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की अपनी जायज ऊर्जा जरूरते हैं। उन्होंने यूक्रेन की चिंताओं को स्वीकार करते हुए कहा कि भारत को 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है और दूसरे देशों को भी इसका सम्मान करना चाहिए।
आप जो पूछ रहे हैं, मैं उसकी वजह समझता हूं। लेकिन मुझे लगता है कि यह भी जरूरी है कि आप सभी उन चुनौतियों को समझें जो 1.4 अरब लोगों के लिए ऊर्चा की व्यवस्था करने में आती हैं। खासकर ऐसे समय में जब दुनिया में ऊर्जा की स्थिति बहुत मुश्किल है। एस जयशंकर, भारतीय विदेश मंत्री
‘तेल न खरीदने से युद्ध खत्म नहीं होगा’- जयशंकर ने कहा कि “मैं यही कहूंगा कि इस मामले में साफ तौर पर यूक्रेन का अपना नजरिया है, जिसका हम सम्मान करते हैं, और हमारा अपना नजरिया है जिसकी मैं उम्मीद करता हूं कि दूसरे भी सम्मान करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि रूस से तेल खरीदन या न खरीदने से उस संकट का समाधान नहीं होगा जो पिछले 5 वर्षों से दोनों देशों के बीच चल रहा है।
जयशंकर ने कहा, “यह टकराव, जो आज पांचवें साल में है, सिर्फ इसलिए हल नहीं होगा कि कोई तेल, खनिज, धातु या खाद खरीद रहा है या नहीं। यह टकराव बातचीत, कूटनीति और समझौते से ही हल होगा। इसीलिए हम इसे बढ़ावा देंगे।”
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