
दुनियाभर में कोरोना वयारस से मरने वालों की संख्या एक लाख से अधिक हो गई है। मरने वालों में सबसे अधिक यूरोपीय नागरिक हैं जिनमें इटली और स्पेन में सबसे अधिक लोग कोरोना के शिकार हुए हैं
कोरोना वायरस से पूरी दुनिया में जान गंवाने वालों की संख्या एक लाख का आंकड़ा पार कर गई है। चीन में दिसंबर में पहली बार कोरोना वायरस का मामला सामने आने के बाद से 193 देशों और क्षेत्रों में 16 लाख से अधिक मामले की पुष्टि हो चुकी है। कोविड19 महामारी ने यूरोप की कमर बुरी तरह से तोड़ दी है जहां 67 हजार से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और 8 लाख संक्रमित हैं। इसका असर वहां की अर्थव्यवस्था पर पड़ा और सरकारें बाजार में पूंजी झोंकने को मजबूर हैं। हालांकि, राहत की बात यह भी है कि इनमें 3,70,000 लोग कोरोना की गिरफ्त से मुक्त हो गए हैं। मानवजाति को हिला कर रख देने वाला कोरोना वायरस अपना प्रभाव बढ़ाता जा रहा है और हर दिन हो रही सैकड़ों मौत लोगों को डरा रही है।
ब्रिटेन में 24 घंटे के भीतर 980 मौत, एक दिन में सबसे ज्यादा
ब्रिटेन में बीते 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण से 980 लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने शुक्रवार को बताया कि यह देश में एक दिन में हुई मौत का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसके साथ ही देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या लगभग आठ हजार से अधिक हो गई है। संक्रमित लोगों की संख्या भी बढ़कर 65 हजार हो गई है। यहां कोरोना से संक्रमित पीएम बोरिस जॉनसन की हालत में सुधार हो रहा है और वह अब आईसीयू से बाहर आ गए हैं।
डेढ़ महीने में कहां से कहां आ गईं ये विश्व शक्तियां
अमेरिका, इटली, स्पेन, फ्रांस और ब्रिटेन टॉप फाइव देश हैं जहां कोरोना की मार सबसे अधिक पड़ी है। इन पांचों देशों में ही अकेले 75 हजार के करीब मौत हुई है। इटली में 18,849, अमेरिका में 17,863और स्पेन में 15,970 लोगों की मौत हुई है। जर्मनी भी पीछे नहीं है 2600 से अधिक लोगों ने की कोविड19 महामारी से मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र के 75 सालों के इतिहास में यह सबसे बड़ी त्रासदी है जिसे संयुक्त राष्ट्र चीफ एंतानियो गुतारेस भी स्वीकार कर चुके हैं।
दुनिया में करोड़ों लोगों को कोविड-19 महमारी के चलते जारी लॉकडाउन के कारण घरों में ही ईस्टर की छुट्टी मनानी पड़ेगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि आर्थिक गतिविधियां बंद होने से 1930 के दशक की महामंदी के बाद दुनिया को सबसे बड़ी आर्थिक गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। अकेले अमेरिका में लगभग एक करोड़ 70 लाख लोग अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। अमेरिका ने 100 साल के इतिहास में इतनी भयावह स्थिति का सामना नहीं किया था। दुनियाभर में अपनी मेडिकल फेसिलिटी की धाक जमाने वाले इन देशों पर ऐसा संकट गहराया है कि अस्पतालों में जगह कम पड़ गए हैं किसी ने पार्क में तो किसी ने होटल में अस्पताल खोलकर इलाज करना शुरू किया है।
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