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‘रूस-चीन रिश्ते दुनिया में स्थिरता लाने वाली शक्ति’, पुतिन ने ब्रिक्स की बात कर अमेरिका की बढ़ाई चिंता, भारत बनेगा बड़ी ताकत!


रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस और चीन के संबंध दुनिया में ‘स्थिरता लाने वाली शक्ति’ है। मंगलवार से शुरू होने वाली अपनी दो दिवसीय चीन यात्रा से पहले दिए गए संबोधन में पुतिन ने कहा कि मॉस्को और बीजिंग किसी भी दूसरे देश के खिलाफ गठबंधन नहीं करना चाहते, बल्कि ‘शांति और सार्वभौमिक समृद्धि’ के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं। उन्होंने अपने संबोधन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और ब्रिक्स (BRICS) की बात करके यह भी संकेत दे दिया कि रूस और चीन अब अमेरिका के झांसे में नहीं आने वाले हैं। भारत मौजूदा समय में ब्रिक्स का अध्यक्ष है, जिसके साथ रूस और चीन के संबंधों का एक नया आयाम लिखा जा रहा है। बीते साल चीन के तियानजिन में SCO की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पुतिन और जिनपिंग की तस्वीर सामने आने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप परेशान हो गए थे।
पुतिन ने BRICS की बात कर दे दिया बड़ा संदेश – पुतिन ने कहा-‘इसी भावना के साथ मॉस्को और बीजिंग अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों की पूरी तरह से रक्षा करने के लिए मिल-जुलकर प्रयास कर रहे हैं। पुतिन ने आगे कहा कि रूस और चीन संयुक्त राष्ट्र, शंघाई सहयोग संगठन (SCO), ब्रिक्स (BRICS) और अन्य बहुपक्षीय मंचों के ढांचे के भीतर सहयोग का समर्थन करते हैं, जिससे वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के समाधान में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। पुतिन 12-13 सितंबर, 2026 को भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आएंगे।
आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर देख रहे हैं रूस-चीन: पुतिन – पुतिन ने कहा कि मॉस्को-बीजिंग संबंध अभूतपूर्व स्तर तक विकसित हो गए हैं और दोनों पक्ष अब संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता की रक्षा जैसे मूलभूत मामलों पर एक-दूसरे का समर्थन कर रहे हैं। पुतिन ने सरकारी मीडिया द्वारा प्रसारित भाषण में कहा, ‘रूस और चीन आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर देख रहे हैं। राजनीति, अर्थव्यवस्था, रक्षा में सक्रिय रूप से सहयोग बढ़ा रहे हैं। सांस्कृतिक आदान-प्रदान का विस्तार कर रहे हैं और व्यक्तिगत संपर्क को बढ़ावा दे रहे हैं। दरअसल, दोनों राष्ट्रों की भलाई के लिए द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने और वैश्विक विकास को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर हर संभव प्रयास कर रहे हैं।’ पुतिन बुधवार को शी जिनपिंग के साथ बातचीत करेंगे।
रूस और चीन UN, SCO, BRICS और दूसरे बहुपक्षीय मंचों के ढांचे के भीतर सहयोग का समर्थन करते हैं, जिससे वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के समाधान में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। व्लादिमीर पुतिन, राष्ट्रपति, रूस
अमेरिका को मिल रही है बड़ी चुनौती – एक साल से भी कम समय में दोनों नेताओं की यह दूसरी आमने-सामने की बैठक है। यह ऐसे समय में हो रही है जब रूस और चीन विश्व मामलों में अमेरिका की प्रमुख शक्ति के रूप में स्थिति को चुनौती देने में तेजी से एकजुट होते दिख रहे हैं।
पुतिन की यह यात्रा दोनों देशों के बीच सद्भावना और मैत्रीपूर्ण सहयोग संधि की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है। यह यात्रा शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीजिंग में दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के समापन के कुछ ही दिनों बाद हो रही है।