Monday , April 27 2026 8:56 PM
Home / News / फोन करो तो उन्हें लगता है पैसे मांगेंगे, पाक पीएम शहबाज शरीफ का अलग दुख

फोन करो तो उन्हें लगता है पैसे मांगेंगे, पाक पीएम शहबाज शरीफ का अलग दुख

राजनीतिक और आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की तकलीफ में भयानक बाढ़ ने बड़ा इजाफा किया है। जो चुनौतियां पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के सामने थीं, वही नए पीएम शहबाज शरीफ को भी झेलने पड़ रही हैं। वकीलों के एक सम्मेलन में बोलते हुए शहबाज शरीफ ने मुल्क की लचर अर्थव्यवस्था का जिक्र किया और कहा कि मित्र देश भी यह सोचते हैं कि हम भिखारी हैं। उन्होंने कहा, ‘आज जब हम किसी मित्र देश में जाते हैं या उन्हें फोन करते हैं, तो उन्हें लगता है कि हम उनसे पैसे मांगने आए हैं।’ अपने संबोधन में शहबाज ने भारत के आर्थिक विकास का भी जिक्र किया।
बाढ़ से आई तबाही के बारे में उन्होंने कहा कि बाढ़ से पहले भी अर्थव्यवस्था मुश्किलों से जूझ रही थी लेकिन आपदा ने इसे बदतर हालत में पहुंच दिया है। उन्होंने बताया कि अप्रैल में जब वह प्रधानमंत्री बने तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पतन के कगार पर थी। शहबाज ने इमरान खान नीत पीटीआई सरकार पर महंगाई को बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने आईएमएफ के साथ समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया जिससे मौजूदा सरकार के पास कड़ी शर्तों को स्वीकार करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा।
‘हमसे पीछे देश आज आसमान से बातें कर रहे’ : शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान से छोटी अर्थव्यवस्था वाले देश आज हमसे आगे निकल चुके हैं और हम आज 75 साल बाद भी ‘भीख का कटोरा’ लेकर घूम रहे हैं। शहबाज ने कहा, ‘मैं नाम लेकर कहता हूं, अगर एक जमाने में हिंदुस्तान हमसे लोहे के मैदान में आगे था तो हम टेक्सटाइल में उससे आगे थे। हिंदुस्तान के रुपए की कीमत पाकिस्तानी रुपए के मुकाबले कम थी। ऐसे कई देश जिनकी जीडीपी हमसे कम थी, वे आज आसमानों से बातें कर रहे हैं।’
पाकिस्तान के लिए कठिन होंगी आने वाली सर्दियां : उन्होंने कहा कि आज 75 साल बाद पाकिस्तान कहां खड़ा है? यह एक चुभनेवाला सवाल है। हम हर वक्त एक गोल घेरे में ही घूमते रहते हैं। पाक पीएम ने आने वाली सर्दियों में एक संभावित गैस संकट की चेतावनी देते हुए दावा किया कि उन्हें गैस की व्यवस्था करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। शहबाज ने कहा कि बारिश और बाढ़ ने देश में ऐसी तबाही मचाई है जो दुनिया के किसी दूसरे कोने में नहीं देखी गई।