
वेनेजुएला की एक अदालत ने अमेरिकी विशेष बल के दो पूर्व सैनिकों को देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पद से हटाने की कोशिश के तहत समुद्री तट पर किए गए हमले में उनकी भूमिका के लिए 20-20 साल कारावास की सजा सुनाई है। ‘ग्रीन बैरेट’ के नाम से जाने वाले अमेरिकी सेना विशेष बल के पूर्व कर्मी ल्यूक डेनमैन और ऐरान बेरी के वकीलों ने कहा कि उन्हें शुक्रवार रात हुई मामले की सुनवाई में शामिल नहीं होने दिया गया, जो कि बचाव के उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
मादुरो के मुख्य अभियोजक तारेक विलियम साब ने शुक्रवार देर रात फैसला सुनाते हुए कहा, ‘‘उन्होंने (सैनिकों ने) तथ्यों के संबंध में अपनी जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है।” साब ने ट्वीट किया कि तीन मई को हुए हमले में सहायता करने के आरोप में कई अन्य अभियुक्तों के खिलाफ कार्यवाही जारी रहेगी। मादुरो को अपदस्थ करने से मकसद से कोलंबिया में अस्थायी प्रशिक्षण शिविरों से एक ऑपरेशन चलाया गया था। यह ऑपरेशन नाकाम रहा था और इसमें कम से कम आठ विद्रोही सैनिक मारे गए थे जबकि 60 से अधिक लोगों को जेल में बंद किया गया था।
‘सिल्वरपूल यूएसए’ नाम की फ्लोरिडा की सुरक्षा कंपनी चलाने वाले एक अन्य पूर्व अमेरिकी सैन्यकर्मी बेरेट जॉर्डन गोड्रेयू ने इस असफल हमले की जिम्मेदारी ली थी। वेनेजुएला के अभियोजकों ने उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। ऐसा माना जाता है कि गोड्रेयू इस समय अमेरिका में हैं और उनके खिलाफ हथियार तस्करी कानून के उल्लंघन के मामले में जांच चल रही है। साब ने कहा कि डेनमैन और बेरी को षड्यंत्र रचने, अवैध हथियारों की तस्करी और आतंकवाद के मामले में दोषी पाया गया है, लेकिन दोनों के वकीलों का कहना है कि सुनवाई के दौरान कई प्रकार की अनियमतिताएं बरती गईं और उन्हें उनके मुवक्किलों से मिलने या बात करने नहीं दिया गया।
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