
भारत द्वारा दिए गए 223 के टारगेट का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की टीम 14 ओवर खत्म होने तक 136 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी थी। हालांकि, उसके लिए असंभव को संभव करने में माहिर ग्लेन मैक्सवेल क्रीज पर थे। उनके हर शॉट के साथ ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें बढ़ती जा रही थीं। पारी के 18वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा ने उन्हें हाथ खोलने का बिल्कुल मौका नहीं दिया। इस ओवर से केवल 6 रन आए। जीत के लिए आखिरी दो ओवर्स में 43 रन चाहिए थे। अक्षर पटेल द्वारा डाले गए 19वें ओवर से 22 रन आए। इनमें से 16 रन मैथ्यू वेड (28 रन, 16 गेंद) के बल्ले से निकले।
आखिरी ओवर में छह गेंद पर 21 रन की जरूरत थी। स्लो ओवर रेट के कारण केवल चार फील्डर ही 30 गज के घेरे के बाहर थे। वेड ने पहली गेंद को फाइन लेग पर चौका मारा। दूसरी पर सिंगल लिया और वहां से मैक्सवेल ने मोर्चा संभाला। उन्होंने पहले कवर्स बाउंड्री पर सिक्स मारा। अगली गेंद पर फिर से चौका लगाकर मैक्सवेल ने 47 गेंद पर अपना शतक पूरा किया। आखिरी गेंद पर 2 रन चाहिए थे। भारतीय टीम ने काफी देर तक मशविरा किया मगर कोई फायदा नहीं हुआ। मैक्सवेल ने स्ट्रेट बाउंड्री के बाहर गेंद भेजकर टीम को पांच विकेट से जीत दिला दी। प्रसिद्ध टी20 इंटरनैशनल में भारत की ओर से सबसे महंगे बोलर (68 रन) साबित हुए। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों की सीरीज में वापसी की। भारत फिलहाल 2-1 से आगे है।
मैच के हीरो रहे मैक्सवेल ने बताया कि पहले ही उन्हें सूर्यकुमार यादव के प्लान का पता चल गया था। उन्होंने कहा- हमने सोचा कि अगर हम आखिरी ओवर तक दौड़ में बने रह सकते हैं तो बात बन सकती है। हमने अंतिम ओवर तक खेल में बने रहने के लिए संघर्ष भी किया। यह जानते हुए कि अक्षर के पास एक ओवर बचा हुआ है, इसका मतलब है कि (मैथ्यू वेड) वेडी को फायदा उठाने के लिए वहां मौजूद रहना होगा और मैं सभी तेज गेंदबाजों का सामना करने और रन रेट को थोड़ा नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहा था।
उन्होंने अपने कप्तान के 16 गेंदों में नाबाद 28 रन के प्रयास की सराहना करते हुए कहा- जिस तरह से वेडी ने दूसरे छोर को नियंत्रित किया और मुझे मेरी पारी के अंतिम छोर तक पहुंचाया वह शानदार था। वेड ने मैक्सवेल की जमकर तारीफ की और कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया के लिए अब तक के सर्वश्रेष्ठ टी20 खिलाड़ियों में से एक हैं। वेड ने कहा- मैक्सवेल ऑस्ट्रेलिया के लिए टी20 खेलने वाले सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने अपने 100वें मैच में शतक जमाया, जो उनके लिए बहुत खास है।
वेड ने कहा कि तेज गेंदबाज केन रिचर्डसन को चोट लग गई क्योंकि उन्हें 20वें ओवर में मैक्सवेल को गेंदबाजी करनी पड़ी जिसमें भारत के लिए 30 रन बने। उन्होंने कहा- दुर्भाग्य से केन रिचर्डसन को चोट लग गई, इसलिए हम एक ओवर कम रह गए और मैक्सी को फेंकना पड़ा। हमें वास्तव में इस जीत की जरूरत थी और बहुत से लोग घर जा रहे हैं इसलिए युवाओं के लिए यह सीखने का मौका है कि भारत में कैसे खेलना है। उम्मीद है, हम अगले गेम में एक और जीत के साथ इसे निर्णायक तक ले जा सकते हैं।
Home / Sports / ‘बेरहम’ ग्लेन मैक्सवेल को पता चल गया था सूर्यकुमार यादव का प्लान, फिर यूं सबकी बैंड बजा दी
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