
कराची : पाकिस्तान ने कथित रूप से उसके जलक्षेत्र में पहुंचने पर गिरफ्तार किए गए 219 भारतीय मछुआरों को आज रिहा कर दिया और इस तरह पिछले 10 दिन में सद्भावनापूर्ण कदम के रूप में पाकिस्तानी जेलों से रिहा भारतीय मछुआरों की कुल संख्या 439 हो गई है। जेल अधीक्षक हसन सेहतो ने कहा कि गृह मंत्रालय से मिले निर्देशों पर मालिर जेल से 219 मछुआरों को रिहा किया गया है।
सितंबर में उरी में भारतीय सेना के शिविर पर आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते में आए तनाव के बाद से दूसरी बार पाकिस्तान की जेलों से भारतीय मछुआरों को छोड़ा गया है। उरी हमले के लिए भारत ने पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को जिम्मेदार ठहराया था।
पाकिस्तान सरकार ने 25 दिसंबर को एक साल से अधिक समय से जेल में बंद 220 भारतीय मछुआरों को रिहा किया था। सेहतो ने कहा कि आज रिहा किए गए भारतीय मछुआरों को वाघा सीमा पर भारतीय अधिकारियों के सुपुर्द किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कराची की लांधी जेल में करीब 110 और भारतीय मछुआरे बचे हैं।
पिछले साल मार्च में पाकिस्तान सरकार ने 87 भारतीय मछुआरों को छोड़ा था जो करीब ढाई साल से कराची की जेल में बंद थे। पाकिस्तान और भारत क्षेत्रीय सीमा का उल्लंघन करने पर एक दूसरे के मछुआरों को गिरफ्तार करते रहते हैं। दोनों देशों के मछुआरे सजा पूरी होने के बाद भी कई साल तक जेल में रहते हैं और उनकी एकमात्र उम्मीद सरकारों के सद्भावनापूर्ण कदम के तौर पर लिए गए फैसले पर ही टिकी होती है।
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