
श्रीलंका के कैथोलिक चर्च ने 2019 के ईस्टर संडे आत्मघाती बम विस्फोटों की पांचवीं बरसी पर इसमें मारे गए 11 भारतीयों सहित सभी 273 लोगों को ‘संत’ घोषित करने की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया है। कोलंबो के आर्कबिशप कार्डिनल मैल्कम रंजीत ने रविवार को सामूहिक प्रार्थना को संबोधित करते हुए इस कदम की घोषणा की।
रंजीत ने कहा “किसी व्यक्ति को उसके बलिदान के पांच वर्ष पूरे होने के बाद ही संत की उपाधि दी जा सकती है। इसलिए, हम इस साल 21 अप्रैल को ईस्टर संडे पीड़ितों को संत घोषित करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।” आईएसआईएस से जुड़े स्थानीय इस्लामी चरमपंथी समूह, नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) से नाता रखने वाले नौ आत्मघाती हमलावरों ने श्रीलंका में तीन चर्चों और कुछ आलीशान होटलों में कई विस्फोट किए थे।
कैथोलिक चर्च में संत की उपाधि प्राप्त करने की एक लंबी प्रक्रिया होती है। पिछले पांच साल से रंजीत पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सरकार के साथ संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले में हुई जांच को दिखावा बताते हुए इसे राजनीतिक लीपापोती करार दिया था। उन्होंने इन हमलों की अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की मांग की थी।
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