
नौकरी-व्यवसाय अच्छा चलने के बावजूद, घर-परिवार में पैसा नहीं टिक पाता तो ज्योतिष पुराण में बताए गए कुछ उपाय नियमित रूप से करें। गौ माता को सारे शास्त्रों में सर्वतीर्थमयी व मुक्तिदायिनी कहा गया है। गौ माता के शरीर में सारे देवताओं का निवास है। ब्रह्मवैवर्तपुराण के अनुसार गौ के पैरों में समस्त तीर्थ व गोबर में साक्षात माता लक्ष्मी का वास माना गया है। गौ माता के पैरों में लगी मिट्टी का जोव्यक्ति नित्य तिलक लगाता है, उसे किसी भी तीर्थ में जाने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि उसे सारा फल उसी समय वहीं प्राप्त हो जाता है। हर रोज गाय को घास खिलाने वाला धन-धान्य से युक्त रहता है। जिस घर या मंदिर में गौ माता का निवास होता है, उस जगह को साक्षात देवभूमि ही कहा गया है और जिस घर में गौ माता नहीं होती, वहां कोई भी अनुष्ठान व सत्कार्य सफल नहीं होता। जहां गौ माता हो, यदि ऐसे स्थान पर कोई भी व्रत, जप, साधना, श्राद्ध, तर्पण, यज्ञ, नियम, उपवास या तप किया जाता है तो वह अनंत फलदायी होकर अक्षय फल देने वाला हो जाता है।
सुबह पक्षियों को दाना-पानी डालने वाला स्वयं कभी भूखा नहीं रह सकता। उसकी जेब में खूब टिकते हैं नोट और धन की किल्लत होती है दूर।
तिजोरी को धन से लेकर जेवरों तक भरा रखने के लिए शुक्रवार को देवी लक्ष्मी का पूजन करें और खीर का भोग लगाएं।
प्रतिदिन हनुमानअष्टक का पाठ सात बार करें। अगर प्रतिदिन करना संभव न हो तो मंगलवार को जरूर करें। कर्ज मुक्ति के लिए ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का पाठ करें एवं लिए हुए कर्ज की प्रथम किश्त मंगलवार से देना शुरू करें। इससे कर्ज शीघ्र उतर जाता है।
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