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चुनाव प्रचार में एआई आधारित भ्रामक जानकारी का इस्तेमाल न करें… राजनीतिक दलों को इलेक्शन कमीशन की खरी-खरी


बिहार चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए एडवाइजरी जारी की है। आयोग ने निर्देश दिया है कि वे अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ एआई का गलत इस्तेमाल न करें, खासकर सिंथेटिक वीडियो बनाने में।
बिहार चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग गुरुवार को सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों के लिए एडवाइजरी जारी की है। चुनाव आयोग ने बिहार चुनाव की कैंपेनिंग में सभी राजनीतिक दल और सभी उम्मदीवारों को अपने सामने खड़े उम्मीदवार के खिलाफ एआई के गलत इस्तेमाल न करने के निर्देश दिए हैं।
चुनाव आयोग ने जारी की एडवाइजरी – चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रेस रिलीज पोस्ट कर एडवाइजरी जारी की। चुनाव आयोग ने अपनी प्रेस रिलीज में लिखा कि राजनीतिक दलों को अपने खिलाफ खड़े उम्मीदवारों को निशाना बनाने वाले सिंथेटिक वीडियो के लिए एआई के उपयोग पर आदर्श आचार संहिता और संबंधित दिशानिर्देशों का पालन करने होगा । 6 अक्टूबर को बिहार विधानसभा चुनाव और आठ निर्वाचन क्षेत्रों के उपचुनावों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू हो गई है।
ECI ने इस बात पर दिया जोर – चुनाव आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि आदर्श आचार संहिता न केवल पारंपरिक प्रचार पर लागू होती है, बल्कि सोशल मीडिया पोस्ट और डिजिटल विज्ञापनों सहित ऑनलाइन सामग्री पर भी लागू होती है। ईसीआई ने पार्टियों को सलाह देते हुए कहा कि कि वे डीपफेक, मनगढ़ंत या कृत्रिम सामग्री बनाने के लिए एआई-आधारित तकनीकों का उपयोग करने से बचें, जो गलत सूचना फैला सकती हैं या तथ्यों को छेड़ छाड़ कर सकती हैं। ECI की ओर से जारी प्रेस रिलीज प्रतिद्वंद्वी दलों की आलोचना उनकी नीतियों, कार्यक्रमों, पिछले रिकॉर्ड और काम पर केंद्रित होनी चाहिए। इसमें व्यक्तिगत जीवन को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए या असत्यापित आरोपों को प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए।