
बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा है कि अब उनका देश किसी के कहने पर नहीं चलेगा और अपनी मर्जी से काम करेगा। उन्होंने यह टिप्पणी लंदन में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की ब्रिटेन यूनिट की इफ्तार पार्टी के दौरान कही। वे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। उन्हें बांग्लादेश के प्रधानमंत्री और BNP चेयरपर्सन तारिक रहमान के बयान का जिक्र किया और कहा कि बांग्लादेश सबके साथ है।
पूर्व पीएम शेख हसीना पर निशाना- ब्रिटेन के दौरे पर पहुंचे खलीलुर रहमान ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर हमला बोला और उनके कार्यकाल को फासिस्ट शासन कहकर संबोधित किया। बांग्लादेश के मीडिया आउटलेट प्रथम आलो की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि फासीवादी शासन के दौरान देश की विदेश नीति दूसरे देश के हाथों गिरवी रख दी गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि उस समय विदेश नीति बनाने के लिए कुछ कास नहीं किया गया। हालांकि, रहमान ने भारत का नाम नहीं लिया लेकिन उनके बयान को शेख हसीना के दौरा में ढाका और नई दिल्ली के नजदीकी संबंधों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
इफ्तार पार्टी में बोलते हुए खलीलुर रहमान ने देश की आजादी, संप्रमभुता, क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय हित और सम्मान को बांग्लादेश की विदेश नीति का मुख्य सिद्धांत बताया। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान ने इस विदेश नीति को लागू किया था और देश अब उसी तरफ लौट रहा है।
शहीद राष्ट्रपति जियाउर रहमान के समय में ये सिद्धांत बांग्लादेश की विदेश नीति की खासियत थे। मैं उस समय विदेश मंत्रालय में शामिल हुआ था। यह हमारी विदेश नीति का स्वर्ण काल था। अब हम उस पोजीशन पर लौट रहे हैं।
खलीलुर रहमान और BNP के रिश्ते – बांग्लादेश में हालिया चुनाव में बंपर जीत हासिल करने के बाद तारिक रहमान ने खलीलुर रहमान को अपना विदेश मंत्री बनाया था। विदेश मंत्री के रूप में खलीलुर रहमान की तैनाती बांग्लादेश के राजनीतिक हलके के लिए चौंकाने वाली थी। विदेश मंत्री का पद संभालने से पहले खलीलुर रहमान ने अप्रैल 2025 से फरवरी 2025 तक यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के रूप में काम किया। उनकी नियुक्ति पर चर्चा इसलिए भी हुई, क्योंकि BNP ने मई 2025 में उनका इस्तीफा मांगा था। इसने उनकी कई नियुक्तिों की आलोचना भी की थी। हालांकि, नई सरकार गठन के दौरान तारिक रहमान ने उन पर भरोसा जताया और विदेश मंत्री बना दिया। तारिक रहमान के शासन में ढाका ने एक बार फिर से नई दिल्ली के साथ संबंधों को सुधारना शुरू किया है। हाल ही में बांग्लादेश के खुफिया चीफ ने भारत दौरा किया है।
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