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चूहे ने काटा, बुजुर्ग महिला की मौत, कुतरा मिला हाथ, मीरा भाईंदर के अस्पताल में हुई हैरान कर देनेवाली घटना


मीरा- भायंदर (पश्चिम) स्थित पंडित भीमसेन जोशी सरकारी अस्पताल के गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में इलाज करा रही 89 वर्षीय महिला को रविवार रात कथित तौर पर चूहे ने काट लिया। कथित चूहे के काटने के कुछ घंटों बाद ही मरीज सुहासिनी माटेकर की मृत्यु हो गई। एक चिकित्सा अधिकारी और एक नर्सिंग स्टाफ को पंडित भीमसेन जोशी अस्पताल से तत्काल प्रभाव से c सिविल अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
बुजुर्ग महिला को 12 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें चौथी मंजिल पर स्थित आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया था। घटना का पता सोमवार सुबह तब चला जब मरीज के रिश्तेदार अस्पताल पहुंचे और उन्होंने देखा कि मरीज के हाथ पर चोट के निशान थे जो चूहे के कुतरने जैसे लग रहे थे।
हाथों से बह रहा था खून – रिश्तेदारों ने चोटों से खून बहते हुए भी देखा। परिवार का दावा है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को इसकी जानकारी तब तक नहीं थी जब तक उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिलाया। स्थानीय लोगों ने सरकारी अस्पताल के प्रबंधन और स्वच्छता मानकों पर सवाल उठाए, खासकर तब जब अस्पताल की चौथी मंजिल पर चूहे पाए गए हों।
बेटी उद्धव ठाकरे गुट की नेता – मरीज की बेटी मिलन देसाई, जो मीरा रोड (पूर्व) स्थित प्लेजेंट पार्क से शिवसेना (यूबीटी) की पदाधिकारी हैं। मिलन ने बताया कि उन्होंने आईसीयू में पहले भी चूहे देखे थे। चूहों के पैरों के निशान भी देखे थे। उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह भी उनको आईसीयू में चूहे नजर आए थे।
अस्पताल स्टाफ को भनक तक नहीं लगी – उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी मां की मौत चूहों के काटने से हुए अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई। उन्होंने बताया कि आखिरी जांच सोमवार को सुबह करीब 2:30 बजे स्टाफ नर्स ने की थी। देसाई के भाई मिलिंद माटेकर ने कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि आईसीयू में एक मरीज को चूहे ने काट लिया और अस्पताल के कर्मचारियों को इसकी जानकारी तक नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब हमने चूहे के काटने से हुए रक्तस्राव को देखा, तभी कर्मचारी हरकत में आए।
डीन ने बताया अस्पताल में कहां से और कैसे आए चूहे – अस्पताल के डीन डॉ. जाफर ताडवी ने चूहों की समस्या के लिए आसपास चल रहे निर्माण कार्य को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर के आसपास चल रहे निर्माण कार्य के कारण चूहों की संख्या में वृद्धि हुई है क्योंकि वहां खुदाई का काम भी किया गया है।
यह घोर लापरवाही है कि एक चूहा इमारत की चौथी मंजिल तक पहुंच गया और एक मरीज को काट लिया, जिससे उसे चोटें आईं और खून बह गया। एमएनएस के जिला अध्यक्ष संदीप राणे
गंभीर थी मरीज की हालत – उन्होंने बताया कि कीट नियंत्रण उपाय और चूहा-रोधी छिड़काव हर सप्ताह किया जाता था। उन्होंने पुष्टि की कि घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और एक विभागीय जांच समिति का गठन भी किया गया है। मरीज को सांस नली के निचले हिस्से में संक्रमण और अन्य बीमारियों के कारण भर्ती कराया गया था और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था, जिसकी हालत गंभीर थी।
डीन डॉ. जाफर ने कहा कि हमारे डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने मरीज के शरीर पर कथित चूहे के काटने के निशान देखने के बाद उसका इलाज किया। एमएनएस जिला अध्यक्ष संदीप राणे ने आरोप लगाया कि अस्पताल के दावे के अनुसार कीट नियंत्रण नहीं किया गया था। उन्होंने मांग की कि अस्पताल के डीन और आईसीयू के प्रभारी को निलंबित किया जाए।