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यूरोप में अमेरिकी सैन्य अड्डों की लिस्ट, जर्मनी से सैनिकों को बुलाकर भी कमजोर नहीं पड़ेंगे ट्रंप, कारण जानें


पेंटागन ने शुक्रवार को घोषणा की कि अमेरिका अपने NATO सहयोगी जर्मनी से 5000 सैनिकों को वापस बुला रहा है। यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के बीच ईरान युद्ध को लेकर हुई सार्वजनिक बहस के बाद लिया गया है। यह कदम यूरोप में अपनी सैन्य मौजूदगी कम करने के लिए अमेरिकी सरकार के ऐलान के बाद उठाया गया है। अमेरिका लंबे समय से यूरोपीय सहयोगियों से नाराज है। ट्रंप ने ईरान युद्ध में सहयोग न करने के लिए सार्वजनिक तौर पर यूरोप की निंदा की है। इसके अलावा वे नाटो सहयोगियों से रक्षा बजट सीमित रखने को लेकर भी नाराज हैं।
यूरोप में कितने अमेरिकी सैनिक हैं? – रॉयटर्स की रिपोर्ट में अमेरिकी रक्षा जनशक्ति डेटा केंद्र (DMDC) के आंकड़ों के आधार पर बताया गया है कि दिसंबर 2025 तक अमेरिका के लगभग 68,000 सक्रिय-ड्यूटी सैन्य कर्मी यूरोप में उसके विदेशी ठिकानों पर स्थायी रूप से तैनात थे। इनमें तैनाती और अभ्यास मिशन पर भेजे गए रोटेशनल (बारी-बारी से आने वाले) बल शामिल नहीं हैं। कांग्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2024 तक अमेरिकी सेना 31 स्थायी ठिकानों और 19 अन्य सैन्य स्थलों पर फैली हुई है, जिन तक रक्षा विभाग की पहुंच है।
यूरोप में अमेरिकी सैनिकों में कौन-कौन शामिल हैं? – अमेरिकी यूरोपीय कमान (USEUCOM) पूरे यूरोप में अमेरिकी सैन्य अभियानों की देखरेख करती है। यह सेना, नौसेना, वायु सेना, मरीन कोर, विशेष अभियान बलों और नव-स्थापित अंतरिक्ष बल का प्रतिनिधित्व करने वाली छह घटक कमानों के माध्यम से NATO सहयोगियों के साथ मिलकर काम करती है। इनका मुख्यालय जर्मनी और इटली में है और ये पूरे यूरोप और अफ्रीका में संकट प्रतिक्रिया और सुरक्षा सहयोग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
यूरोप में अमेरिकी सैनिक कहां तैनात हैं? – अमेरिकी सैनिक एक दर्जन से अधिक यूरोपीय देशों में तैनात हैं। जर्मनी, इटली और ब्रिटेन में सैनिकों की सबसे बड़ी मौजूदगी है। इस सूची में सैनिकों की कुछ सबसे बड़ी टुकड़ियां शामिल हैं।
जर्मनी- यूरोप में अमेरिका का सबसे बड़ा बेस जर्मनी के शहर रामस्टीन के पास स्थित एयर बेस है, जहां 1952 से ही सैनिक तैनात हैं। दक्षिणी जर्मनी में,यूएस आर्मी गैरिसन बवेरिया (जिसका मुख्यालय ग्राफेनवोहर में है) यूरोप में तैनात सेनाओं के लिए एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र है। DMDC के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक जर्मनी में 36,436 सक्रिय सैनिक तैनात थे, जिन्हें पाँच अलग-अलग गैरिसनों में बांटा गया था।
इटली- दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद से ही इटली में अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जिनमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना के जवान शामिल हैं। DMDC के आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 के अंत तक इटली के विसेंज़ा, एवियानो, नेपल्स और सिसिली स्थित विभिन्न बेस पर 12,662 सक्रिय सैनिक तैनात थे।
ब्रिटेन- पिछले साल दिसंबर तक यूनाइटेड किंगडम में तैनात अमेरिकी सेना में 10,156 जवान शामिल थे। ये जवान तीन अलग-अलग बेस पर तैनात थे, जिनमें मुख्य रूप से वायु सेना के जवान शामिल थे।
स्पेन- इस देश में जिब्राल्टर जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी नौसेना और वायु सेना के बेस स्थित हैं। DMDC के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक स्पेन में 3,814 जवान स्थायी रूप से तैनात थे।
पोलैंड- DMDC और कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस के आंकड़ों के अनुसार, पोलैंड में 369 स्थायी सैनिक तैनात हैं। इसके अलावा, यहां लगभग 10,000 ऐसे सैनिक भी तैनात हैं जो ‘यूरोपियन डेटरेंस इनिशिएटिव’ के तहत वित्तपोषित ‘रोटेशनल फोर्स’ (बारी-बारी से तैनात होने वाली सेना) का हिस्सा हैं। ये सभी सैनिक चार अलग-अलग बेस पर तैनात हैं, जहां अमेरिका को अस्थायी रूप से पहुंच की अनुमति प्राप्त है।
रोमानिया- पोलैंड और अन्य पूर्व-कम्युनिस्ट देशों की तरह ही, रोमानिया में भी 153 स्थायी सैनिकों के अलावा, अमेरिकी सेना की ‘रोटेशनल फोर्स’ तैनात रहती है। ये जानकारी DMDC और कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस के आंकड़ों से मिलती है। जिन बेस पर अमेरिका को पहुंच की अनुमति प्राप्त है, उनमें मिहाइल कोगालनीसियनू एयर बेस, कैंपिया तुर्ज़ी और डेवेसेलु शामिल हैं।
हंगरी- अमेरिका, हंगरी में भी अपनी सेना की ‘रोटेशनल तैनाती’ करता है और विभिन्न सैन्य अभ्यास आयोजित करता है। दिसंबर में DMDC ने बताया कि हंगरी में 77 स्थायी सैनिक तैनात थे, जो दो अलग-अलग बेस, केस्केमेट और पापा एयर बेस, पर स्थित थे।